{"_id":"5ef4f0018ebc3e42eb433e93","slug":"zila-panchayat-tendors-pilibhit-news-bly4105656185","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला पंचायत में 25 करोड़ के कामों के लिए चौथी बार मांगे गए टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला पंचायत में 25 करोड़ के कामों के लिए चौथी बार मांगे गए टेंडर
विज्ञापन
पीलीभीत। जिला पंचायत में 25 करोड़ के टेंडर चौथी बार नए सिरे से मांगे गए हैं। किसी भी विभाग में पंजीकृत ठेकेदार 20 जुलाई तक टेंडर डाल सकते हैं। हाल ही में जिला पंचायत अध्यक्ष ने टेंडरों में तकनीकी खामी बताकर उन्हें निरस्त कर दिया था।
माननीयों और गैर विभागों के पंजीकृत ठेकेदारों के बीच विवाद की वजह से ई टेंडरों को सबसे पहले तो शासन ने चार मार्च को निरस्त कर दिया था। दोबारा मांगे गए ई टेंडर भी कुछ दिन बाद ही लॉकडाउन के चलते स्थगित कर दिए गए थे। इस बीच बीसलपुर की एक फर्म की याचिका पर सुनवाई के दौरान योगी सरकार के आदेश पर हाईकोर्ट ने स्टे जारी कर दिया था। इसमें कहा गया था कि किसी भी विभाग में पंजीकृत ठेकेदार जिला पंचायत में टेंडर डाल सकते हैं। इसके बाद अंतिम तारीख 15 जून निर्धारित करते हुए टेंडर मांगे गए।
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के स्टे ऑर्डर को डवल बेंच ने पलट दिया। इसके बाद जिला पंचायत के ई टेंडरों में विभागीय पंजीकृत ठेकेदारों के साथ साथ गैर विभागों के पंजीकृत ठेकेदारों को भी प्रतिभाग करने का रास्ता साफ हो गया। मगर, ऐन वक्त से पूर्व ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने इसमें तकनीकी खामी बताते हुए ई टेंडरों को निरस्त कर दिया था।
विज्ञापन
इस कदम से सबसे बड़ा झटका पूरनपुर और बरखेड़ा के दो विधायकों को लगा क्योंकि दोनो शुरू से ही टेंडरों के दांवपेच में जुटे थे। अब जिला पंचायत में चौथी बार 25 करोड़ के टेंडर विभागीय ठेकेदारों के साथ साथ गैर विभागों के पंजीकृत ठेकेदारों से मांगे गए हैं। इनके डालने की अंतिम तिथि 20 जुलाई निर्धारित है।
विज्ञापन
माननीयों और गैर विभागों के पंजीकृत ठेकेदारों के बीच विवाद की वजह से ई टेंडरों को सबसे पहले तो शासन ने चार मार्च को निरस्त कर दिया था। दोबारा मांगे गए ई टेंडर भी कुछ दिन बाद ही लॉकडाउन के चलते स्थगित कर दिए गए थे। इस बीच बीसलपुर की एक फर्म की याचिका पर सुनवाई के दौरान योगी सरकार के आदेश पर हाईकोर्ट ने स्टे जारी कर दिया था। इसमें कहा गया था कि किसी भी विभाग में पंजीकृत ठेकेदार जिला पंचायत में टेंडर डाल सकते हैं। इसके बाद अंतिम तारीख 15 जून निर्धारित करते हुए टेंडर मांगे गए।
विज्ञापन
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के स्टे ऑर्डर को डवल बेंच ने पलट दिया। इसके बाद जिला पंचायत के ई टेंडरों में विभागीय पंजीकृत ठेकेदारों के साथ साथ गैर विभागों के पंजीकृत ठेकेदारों को भी प्रतिभाग करने का रास्ता साफ हो गया। मगर, ऐन वक्त से पूर्व ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने इसमें तकनीकी खामी बताते हुए ई टेंडरों को निरस्त कर दिया था।
विज्ञापन
इस कदम से सबसे बड़ा झटका पूरनपुर और बरखेड़ा के दो विधायकों को लगा क्योंकि दोनो शुरू से ही टेंडरों के दांवपेच में जुटे थे। अब जिला पंचायत में चौथी बार 25 करोड़ के टेंडर विभागीय ठेकेदारों के साथ साथ गैर विभागों के पंजीकृत ठेकेदारों से मांगे गए हैं। इनके डालने की अंतिम तिथि 20 जुलाई निर्धारित है।