फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   youth tension for career

इंटर तो पास हो गए ...आगे की पढ़ाई कैसे करें

Tue, 30 Jun 2020 01:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 01:54 AM IST
विज्ञापन
youth tension for career
पीलीभीत/बीसलपुर। कोरोना ने इस बार हर किसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यूपी बोर्ड परीक्षा का हाईस्कूल और इंटर का रिजल्ट आने के बाद अच्छे नंबरों से परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राएं असमंजस में हैं कि वह आगे क्या करें। हर साल तो जुलाई में विश्वविद्यालय में दाखिले शुरू हो जाते थे, मगर इस बार तो परीक्षाएं ही नहीं कराई जा सकी हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं का भी माहौल नहीं है।
विज्ञापन

सिविल सर्विसेज, सीपीएमटी, इंजीनियरिंग, सीए, बैंकिंग, सीए जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी होनहार स्टूडेंट दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, कोटा बगैरह चले जाते थे। मगर, इस बार कोरोना ने इनकी उम्मीदों पर ग्रहण लगा दिया है। कोरोना संक्रमण जिस तरह से देेश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ रहा है, उस माहौल को देखते हुए न तो स्टूडेंट बाहर जाने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं, न ही उनके माता-पिता भेजने की।
विज्ञापन

प्रत्येक शैक्षिक सत्र में जून से पहले विश्वविद्यालीय परीक्षाओं में बीए, बीएससी, एमए, एमएसी के रिजल्ट तक आ जाते थे। जुलाई में स्नातक समेत अन्य कक्षाओं में नए प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी। इस बार विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालयों में भी स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश का रास्ता बंद है। इससे कक्षा 12 में अच्छे नंबरों से सफल होने वाले विद्यार्थी परेशान हैं। विश्वविद्यालीय परीक्षाएं कोरोना संक्रमण के चलते बीच में अधूरी हैं। इससे स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया भी देर से शुरू होने का अनुमान है। कोरोना महामारी के भयंकर रुप से फैलने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने बाहर जाने वाले विद्यार्थियों ने दिल्ली, इलाहाबाद, कोटा समेत अन्य बड़े शहरों में जाने की योजना निरस्त कर दी है। न ही माता-पिता अपने बच्चों को कोरोना के डर से बाहर भेजना चाहते हैं। जिस तरह से कोरोना संक्रमण केस रोजाना बढ़ रहे हैं, उसमें बहुत से लोग यह भी अनुमान लगाने लगे हैं कि हो सकता है कि अगला शैक्षिक सत्र शून्य घोषित हो जाए। हालांकि, सरकार के स्तर पर अभी ऐसा कोई निर्णय सामने नहीं आया है। मगर, इन सब वजहों के चलते हाईस्कूल और इंटर पास विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका है। हाईस्कूल या इंटर पास स्टूडेंट यह तय नहीं कर पा रहे है कि वह अपना करिअर बनाने के लिए, जो करना चाहते हैं, वह कैसे करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली में मेरे चाचा रहते हैं। मैं इंटर पास करने के बाद दिल्ली जाकर पढ़ना चाहता था। मगर, कोरोना केस जिस तरह से बढ़ रहे हैं, उससे दिल्ली जाना मुश्किल है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षाएं अधूरी हैं। इसमें किसी महाविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश भी नहीं हो पाएगा। - दिव्यम मिश्रा, ग्राम रंभोजा।
इंटर पास करने के बाद मैं राजकीय महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष मेें प्रवेश लेने का इच्छुक हूं। लेकिन विश्वविद्यालय की परीक्षाएं अधूरी हैं। पता नहीं, कब परीक्षाएं पूरी होंगी और फिर स्नातक में कब प्रवेश शुरू होंगे। सब कुछ अनिश्चित है। - निशांत गंगवार, मोहल्ला पटेलनगर, बीसलपुर
मैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए राजस्थान के शहर कोटा जाना चाहता था, लेकिन कोरोना की भयावहता से वहां जाने का साहस नहीं जुटा पा रहा हूं। वहां कोरोना की चपेट में आने का डर है। आगे की पढ़ाई कैसे होगी, कुछ नहीं कह सकते। सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर है। - हरीश कुमार, गांव दियोकलिया।

मेधावी छात्र-छात्राएं मायूस न हों
इंटर पास करने वाले विद्यार्थियों को मायूस होने की आवश्यकता नहीं है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की अधूरी परीक्षाएं सात जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। सरकार इसे लेकर गंभीर है। बहुत जल्द ही इस संबंध में अच्छा निर्णय होगा। इंटर पास स्टूडेंट बेहतर पढ़ाई कर सकेंगे। - डॉ. विकास प्रधान, करिअर काउंसलर, राजकीय महाविद्यालय बीसलपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed