ये कैसा नशा: पैसे नहीं देने पर बड़े बेटे ने मां को पीटा, छोटे ने ले ली जान, पड़ोसी के घर से आरोपी गिरफ्तार
नशे के लिए रुपये न देने पर मां को मारने पर छोटे बेटे ने नशेड़ी बड़े भाई की जान ले ली। छोटे ने फावड़े से काटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को पड़ोसी के मकान से गिरफ्तार किया है।
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पूरनपुर। नशे के लिए रुपये न देने पर दिव्यांग मां की पिटाई करने से गुस्साए छोटे भाई ने बड़े भाई की फावड़ से काटकर हत्या कर दी। घटना के बाद सभी लोग घर से भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घर से फावड़ा बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घटना शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे पूरनपुर देहात के मोहल्ला अहमदनगर वार्ड पांच की है।
नशा करता था बड़ा भाई
गांव घाटमपुर निवासी फसी अहमद, अपने बड़े भाई रजी अहमद, बहन रुखसार, गुलबहार और दिव्यांग मां सलमा के साथ इकबाल के मकान में डेढ़ महीने से किराये पर रह रहे थे। इकबाल परिवार सहित कई सालों से जयपुर में रहता है। घर के दूसरे कमरे में कदीर अहमद अपने परिवार के साथ पखवाड़ा भर पहले किराए पर रहने आए हैं। कदीर की पत्नी अफसर जहां ने बताया कि रजी अहमद नशेड़ी था और मेहनत मजदूरी करने नहीं जाता था।
नशे के लिए मां से मांगा करता था पैसे
अक्सर नशे के लिए अपनी मां से रुपये की मांगा करता था। नशा के लिए रुपये मांगने पर अक्सर परिवार में विवाद होता था। शुक्रवार को शाम को रजी अहमद अपनी मां से रुपये मांग रहा था। मां रुपये न होने की बात कह रही थी। इस पर वह मां से झगड़े पर उतारू हो गया। तब उसकी बहनें भी रजी से लडऩे लगी। फसी ने रजी को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। रजी अपनी मां की पिटाई करने के लिए उनकी तरफ बढ़ा तभी फसी ने घर में रखे फावड़े से रजी पर प्रहार कर दिया। गुस्से में फसी तब तक फावड़े से रजी के सिर पर प्रहार करता रहा जब तक वह मर नहीं गया। घटना के बाद पूरा परिवार शव छोड़कर भाग गए।
सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुंची पुलिस
घटना की चश्मदीद अफसर जहां ने बताया कि घटना के समय उसका पति घर में नहीं था। दहशत के चलते उसने पड़ोसी के घर जाकर शरण ली। सूचना पर कोतवाल आशुतोष रघुवंशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा जा रहा है। घटना स्थल से हत्या में प्रयुक्त किया गया फावड़ा बरामद कर हत्यारोपी को पड़ोस के एक घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
रजी के नशे की लत ने पूरा परिवार कर दिया बर्बाद
रजी के नशे की लत से पूरा परिवार परेशान था। नशे की लत के कारण ही उसे जान से हाथ धोना पड़ा। जबकि दूसरे भाई को अब उसकी हत्या के जुर्म में जेल जाना होगा। अफसर जहां ने बताया कि फसी मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है।
तीन-तीन दिन घर में नहीं बनता था खाना
वह अक्सर रजी को सुधर जाने की सलाह देता था। ताकि परिवार का बोझ उसके ऊपर से कम हो सके। मगर रजी अहमद अपनी आदत में सुधार नहीं कर सका। वह सुबह होते ही घर से निकल जाता था। शाम को घर पहुंचने पर अक्सर नहे के लिए रुपये देने को मां से झगड़ता था। बहनें भी उसकी इस हरकत का विरोध करती थी। फसी की मजदूरी से परिवार का पालन पोषण ठीक से नहीं हो पा रहा था। तीन-तीन दिन घर में खाना नहीं बनता था।
एक भाई की गई जान, दूसरा जाएगा जेल
पड़ोसी किरायेदार कुछ न कुछ खाने को दे देती थी। शुक्रवार को भी जब रजी ने मां से रुपये मांगना शुरू किया। तब उसकी मां यही बोली बेटा तू कुछ करता नहीं है। फसी से परिवार को बोझ नहीं उठ पा रहा है। मेरे पास रुपये कहां से आए। तू नशा छोड़ दे। तब परिवार सही हो सकता है लेकिन रजी के सिर नशे का भूत सवार था। रुपये न मिलने पर गाली-गलौज कर मां की पिटाई पर उतारू हो गया था। गुस्से में आए उसके भाई बहनों ने खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद न मानने पर उसकी हत्या कर दी गई।