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नखासा से शराब की दुकान हटवाने के लिए महिलाओं ने किया हंगामा

Tue, 19 Apr 2022 12:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2022 12:16 AM IST
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Women created a ruckus to get the liquor shop removed from Nakhasa
पीलीभीत। मोहल्ला नखासा से शराब की दुकान हटवाने के लिए सोमवार को महिलाओं ने जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया। दुकान जिस स्थान पर है, उसी परिसर में पीपल का पेड़ है। दुकान के बाहर एकत्र महिलाओं का आरोप था कि पूजन के लिए आते-जाते समय शराब के नशे में छेडख़ानी की भी घटनाएं आए दिन होतीं हैं। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया मगर महिलाओं ने हंगामा खत्म नहीं किया। सूचना पर पहुंचे जिला आबकारी अधिकारी ने महिलाओं को आश्वासन देकर शांत कराया।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नखासा में देशी शराब की दुकान है। इसी की बाउंड्री के अंदर पीपल का पेड़ है। जबकि बाहर गंदगी की भरमार है। इससे मोहल्ले वालों को काफी दिक्कत होती है। सोमवार को तमाम महिलाओं ने एकत्र होकर शराब की दुकान के विरोध में हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं का आरोप था कि मंदिर परिसर में ही शराब की दुकान खोल दी गई है। इसे तत्काल हटवाया जाए। आरोप था कि शराब के नशे में छेडख़ानी की घटनाएं आएदिन होती हैं।
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स्कूल, कॉलेज जाने वाली छात्राओं का निकलना दूभर है। हंगामे की सूचना में शहर कोतवाल हरीश वर्धन सिंह मौके पर पहुंच गए। महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, मगर महिलाएं अपनी मांग पर डटी रहीं। इस पर नायब तहसीलदार अक्षय कुमार ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से वार्ता की और दुकान हटवाने का आश्वासन दिया। मगर महिलाओं ने नायब तहसीलदार की एक न सुनी। सूचना पर आबकारी अधिकारी संजय कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और महिलाओं से वार्ता की। जिला आबकारी अधिकारी ने समस्या का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस पर महिलाओं ने सिटी मजिस्टेट को संबोधित ज्ञापन देते हुए करीब दो घंटा बाद हंगामा समाप्त कर दिया। मामला काफी चर्चा का विषय बना रहा।
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सरकारी गाड़ी में आया शराब कंपनी का मैनेजर- हंगामे की सूचना पर पहले आबकारी निरीक्षक प्रयागिनी मिश्रा और राजेंद्र कुमार पहुंचे। उनकी गाड़ी में आगे की सीट पर बैठा एक शराब कंपनी का प्राइवेट मैनेजर अफसर बनकर आया और महिलाओं को समझाने लगा। महिलाओं ने मैनेजर की अनसुनी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

महिलाओं का कहना था कि जब मैनेजर अफसर बनकर सरकारी गाड़ी में घूमेंगे तो समस्या का समाधान कैसे होगा। हालांकि बाद में आबकारी अधिकारी ने पहुंचकर महिलाओं को आश्वासन देकर हंगामा शांत कराया। जब इस मैनेजर के सरकारी गाड़ी में घूमने का कारण पत्रकारों ने आबकारी अधिकारी से पूछा तो उन्होंने जांच कराने की बात कही। टीम जाते समय उस मैनेजर को वहीं छोड़कर चली गई। उसे निजी वाहन की व्यवस्था कर जाना पड़ा।
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