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सियासी विरासत नहीं बल्कि अपने बूते पर टिकट मांग रहीं महिलाएं
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पीलीभीत। सिर्फ अपने परिवार की सियासी विरासत के सहारे नहीं अब अपने बूते भी महिलाएं समाजवादी पार्टी में टिकट मांग रही हैं। सभी दावेदार पार्टी नेतृत्व और जिलाध्यक्ष से संपर्क बनाए हुए हैं।
जिले की चार विधानसभा सीटों में समाजवादी पार्टी में कई नए दावेदार सामने आ रहे हैं। पूरनपुर से 16, पीलीभीत से 20, बरखेड़ा से 08 और बीसलपुर में 15 दावेदार हैं। सपा नेतृत्व निजी एजेंसी के माध्यम से सर्वे करके जिताऊ उम्मीदवार की तलाश रहा है। बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद परशुराम गंगवार की बेटी दिव्या गंगवार दावेदार हैं। दिव्या गंगवार ने वर्ष 2017 में बीसलपुर क्षेत्र से बसपा से चुनाव भी लड़ा था। वह तीसरे नंबर पर रहीं। लखनऊ में पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव से मिलकर उन्होंने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। बीसलपुर क्षेत्र से आशा वर्मा, दीप्ती गंगवार, गायत्री गंगवार ने भी दावेदारी की है। गायत्री गंगवार जिला पंचायत की सदस्य रहीं हैं।
पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक पीतमराम फिर से दावेदार हैं लेकिन अगर नेतृत्व उनकी उम्र अधिक होने या फिर महिला दावेदार को प्राथमिकता देने का मन बनाता है तो वह अपनी पुत्रवधू को उम्मीदवार बनाएंगे। पीतमराम की पुत्र वधू और जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकीं आरती महेंद्र भी टिकट की प्रबल दावेदार हैं। पीलीभीत और बरखेड़ा से कोई महिला दावेदार सामने नहीं आया है।
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टिकट देने के लिए सपा करा रही सर्वे
सपा के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने कहा कि चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए 59 से अधिक दावेदार हैं। इसमें पांच महिलाएं शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से जमीनी सर्वे कराया जा रहा है। निजी एजेंसी सर्वे काम कर रही है। कौन सा प्रत्याशी जीतने लायक है। इसका आकलन होने के बाद प्रत्याशी घोषित होंगे। उन्होंने कहा कि सभी दावेदार सपा के प्रदेश कार्यालय में अपना बायोडाटा दे चुके हैं। अब अगर जिला स्तर से इनके बारे में कोई जानकारी मांगी जाती है तो दे दी जाएगी। 15 जनवरी के तक नाम तय होने की उम्मीद है।
सपा के कब्जे में वर्ष 2012 में थीं तीन सीटें
पीलीभीत। वर्ष 2012-2017 तक जिले की तीन विधानसभा सीटों पर सपा का कब्जा था। तब पूरनपुर से पीतमराम और बरखेड़ा से हेमराज वर्मा विधायक थे। पीलीभीत शहर से हाजी रियाज अहमद विधायक थे। रियाज अहमद अखिलेश यादव की तत्कालीन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। सपा अबकी बार चारों सीटों पर जीत की रणनीति पर काम कर रही है।
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जिले की चार विधानसभा सीटों में समाजवादी पार्टी में कई नए दावेदार सामने आ रहे हैं। पूरनपुर से 16, पीलीभीत से 20, बरखेड़ा से 08 और बीसलपुर में 15 दावेदार हैं। सपा नेतृत्व निजी एजेंसी के माध्यम से सर्वे करके जिताऊ उम्मीदवार की तलाश रहा है। बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद परशुराम गंगवार की बेटी दिव्या गंगवार दावेदार हैं। दिव्या गंगवार ने वर्ष 2017 में बीसलपुर क्षेत्र से बसपा से चुनाव भी लड़ा था। वह तीसरे नंबर पर रहीं। लखनऊ में पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव से मिलकर उन्होंने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। बीसलपुर क्षेत्र से आशा वर्मा, दीप्ती गंगवार, गायत्री गंगवार ने भी दावेदारी की है। गायत्री गंगवार जिला पंचायत की सदस्य रहीं हैं।
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पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक पीतमराम फिर से दावेदार हैं लेकिन अगर नेतृत्व उनकी उम्र अधिक होने या फिर महिला दावेदार को प्राथमिकता देने का मन बनाता है तो वह अपनी पुत्रवधू को उम्मीदवार बनाएंगे। पीतमराम की पुत्र वधू और जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकीं आरती महेंद्र भी टिकट की प्रबल दावेदार हैं। पीलीभीत और बरखेड़ा से कोई महिला दावेदार सामने नहीं आया है।
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टिकट देने के लिए सपा करा रही सर्वे
सपा के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने कहा कि चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए 59 से अधिक दावेदार हैं। इसमें पांच महिलाएं शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से जमीनी सर्वे कराया जा रहा है। निजी एजेंसी सर्वे काम कर रही है। कौन सा प्रत्याशी जीतने लायक है। इसका आकलन होने के बाद प्रत्याशी घोषित होंगे। उन्होंने कहा कि सभी दावेदार सपा के प्रदेश कार्यालय में अपना बायोडाटा दे चुके हैं। अब अगर जिला स्तर से इनके बारे में कोई जानकारी मांगी जाती है तो दे दी जाएगी। 15 जनवरी के तक नाम तय होने की उम्मीद है।
सपा के कब्जे में वर्ष 2012 में थीं तीन सीटें
पीलीभीत। वर्ष 2012-2017 तक जिले की तीन विधानसभा सीटों पर सपा का कब्जा था। तब पूरनपुर से पीतमराम और बरखेड़ा से हेमराज वर्मा विधायक थे। पीलीभीत शहर से हाजी रियाज अहमद विधायक थे। रियाज अहमद अखिलेश यादव की तत्कालीन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। सपा अबकी बार चारों सीटों पर जीत की रणनीति पर काम कर रही है।