Pilibhit News: जबरन किया ऑपरेशन... प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल सील
पीलीभीत के पूरनपुर में प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई। उसके परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने उसकी सहमति के बिना ही महिला का ऑपरेशन कर दिया। प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई। उसके नवजात को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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पीलीभीत के पूरनपुर में निजी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई। आरोप है कि हालत खराब होने की जानकारी देकर उसे जबरिया एंबुलेंस से बरेली भिजवा दिया गया। बरेली में चिकित्सक ने महिला की मौत तीन घंटे पहले होने की जानकारी दी। घटना के बाद अस्पताल संचालक ताला लगाकर भाग गए। महिला के शव को अस्पताल गेट पर रखकर परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने महिला के पति की ओर से अस्पताल संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम को भेजा। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। अस्पताल संचालक को दो दिन के अंदर अस्पताल संचालन के अभिलेख दिखाने का समय दिया गया है।
थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव पिपरा मुजप्ता निवासी नन्हें लाल शर्मा ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी रीता देवी को शुक्रवार को सीएचसी में भर्ती कराया था। आरोप है कि सीएचसी स्टाफ ने उसे निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। आशा वर्कर ने कोतवाली रोड पर स्थित रामा नर्सिंग होम को अच्छा बताकर वहां ले जाकर शनिवार को सुबह साढ़े 10 बजे भर्ती करा दिया। निजी अस्पताल के चिकित्सक ने ऑपरेशन की जानकारी दी। तब ऑपरेशन कराने से इनकार कर करते हुए परिजनों ने छुट्टी करने को कहा।
जबरन किया गया पत्नी का ऑपरेशन
आरोप है कि उसकी पत्नी का जबरन ऑपरेशन कर दिया गया। प्रसव के बाद पत्नी की हालत लगातार बिगड़ती गई। शनिवार शाम को खून न रुकने की जानकारी देकर उससे एक कागज पर हस्ताक्षर कराकर एंबुलेंस बुलाकर बरेली रेफर कर दिया। बरेली के निजी अस्पताल में पहुंचने पर वहां के चिकित्सक ने तीन घंटे पहले ही रीता देवी की मौत होने की जानकारी दी। परिजन रात को ही रीता का शव लेकर रामा नर्सिंग होम पहुंचे।
इससे पहले ही अस्पताल संचालक अस्पताल को बंद कर भाग चुके थे। परिजनों ने रीता देवी का शव अस्पताल गेट पर रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया। रविवार को नन्हें लाल ने अस्पताल संचालक योगेश वर्मा, आरपी राठौर, हिमांशू बाजपेयी के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। कोतवाल संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि नन्हें लाल की ओर से योगेश वर्मा, आरपी राठौर, हिमांशू बाजपेयी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शीघ्र ही तीनों की गिरफ्तारी कर चालान कराया जाएगा।
हंगामा पर एमडी ने पहुंचकर धमकाया
नन्हें लाल ने बताया कि पत्नी का शव लेकर अस्पताल गेट पर पहुंचने पर अपने को अस्पताल का एमडी बताने वाले व्यक्ति ने पुलिस में पकड़ होने और कुछ न कर पाने की धमकी देकर उसे शव ले जाने को धमकाया। पुलिस से कार्रवाई कराने को कोतवाली के अंदर तक भी गया। इसके बाद उसके ऊपर समझौते का दबाव बनाया गया। नन्हें लाल ने बताया कि अस्पताल का जो एमडी अपने को बता रहा था। वह कक्षा आठ पास है। उसके खिलाफ कई अपराधिक मामले पहले से दर्ज होने की जानकारी हुई है।
नन्हें लाल ने बताया कि ढाई साल पहले पीलीभीत के गांव मेदना निवासी रीता देवी से उसकी शादी हुई थी। पहली संतान के रूप में बेटे ने जन्म दिया। मगर निजी अस्पताल संचालकों ने उसकी पत्नी की जिंदगी ले ली। उससे जन्मे पुत्र को उसने शनिवार रात को नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया कि अस्पताल अवैध ढंग से संचालित होने की पूर्व में हुई शिकायत पर जांच की गई थी। जांच में अस्पताल संचालक ने अभिलेख दिखाए थे। मौके पर पहुंचने पर अस्पताल में मरीज ही नहीं मिले थे। वर्तमान में अस्पताल बगैर पंजीकरण रिन्युअल के चल रहा था। अस्पताल सील कराकर दो दिन के अंदर अभिलेख मांगे गए हैं।