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घर में घुस कर पालतू बिल्लियों को खा गए तेंदुए, ग्रामीणों में दहशत
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अमरिया। तहसील के आबादी क्षेत्र में पिछले कई दिनों तीन तेंदुए लगातार चहलकदमी कर मवेशियों को निवाला बना रहे हैं। शुक्रवार की रात तीनों तेंदुए ग्राम टांडा बिजेसी निवासी जगतार सिंह के घर में घुसकर उनकी पालतू बिल्लियों को खा गए। शनिवार की रात भी दो तेंदुए उनके घर तक फिर पहुंच गए। आधी रात तक घरों के आस पास ही घूमते रहे। परिवार के लोग तेंदुओं की दहशत से रात भर सो नहीं सके। शोर-शराबा करते रहे। सूचना के बाद सुबह वन कर्मियों ने पगचिह्न देखे। उधर, ठंड बढ़ते ही बाघों ने आबादी के आसपास चहलकदमी शुरू कर दी है। इससे किसानों में भारी दहशत है।
गांव टांडा बिजेसी निवासी जगतार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को रात करीब नौ बजे तीन तेंदुओं ने घर में घुसकर उनके पालतू कुत्तों पर हमला कर दिया। कुत्ते किसी तरह जान बचाकर घर के अंदर घुस गए लेकिन पालतू बिल्लियां अपने बच्चों के साथ आगन में थीं। तेंदुओं ने बिल्ली व उसके पांच बच्चों को निवाला बना लिया। शोर-शराबा करने पर तेंदुए खेतों में चले गए। दूसरे दिन शनिवार को रात आठ बजे फिर शिकार की तलाश में घर के आसपास मंडराने लगे। शोर-शराबा करने पर तेंदुए गन्ने में खेतों में चले जाते थे और कुछ देर के बाद फिर घर के आसपास दिख जाते थे। आधी रात तक तेंदुए इसी तरह तांडव करते रहे। परिवार के लोग तेंदुओं के डर से रात भर जागते रहे। वन विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई वन कर्मी रात में मौके पर नहीं पहुंचा। वन कर्मी मौके पर पहुंचने का आश्वासन ही देते रहे। सुबह होने पर वन विभाग के टाइगर ट्रेकर चेतन कुमार व राजीव ढाली ने मौके पर पहुंचकर पगचिह्न ट्रेस किए। उधर, ठंड बढ़ते ही बाघों ने आबादी के आस पास चहलकदमी शुरू कर दी है। गांव तिरकुनियां नसीर निवासी जावेद ने बताया कि बह रविबार की सुबह आठ बजे रसूला से घर बापस लौट रहा था। इस दौरान रसूला के कब्रिस्तान से निकल एक बाघ सड़क पर आ गया। बाघ सामने देख वह उल्टे वापस लौट गए। बाघ चहलकदमी करता हुआ रसूला निवासी दलबीर सिंह के गन्ने के खेत में चला गया।
लोगों को जागरूक किया जा रहा। पटाखा दागकर तेंदुओं को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अगर तेंदुए अब एक ही स्थान पर लगातार दिखाई देते हैं, तो पिंजरा लगाकर पकड़ा जाएगा और जंगल में छोड़ा जाएगा।
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- देवेंद्र पाल सिंह, डिप्टी रेंजर
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गांव टांडा बिजेसी निवासी जगतार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को रात करीब नौ बजे तीन तेंदुओं ने घर में घुसकर उनके पालतू कुत्तों पर हमला कर दिया। कुत्ते किसी तरह जान बचाकर घर के अंदर घुस गए लेकिन पालतू बिल्लियां अपने बच्चों के साथ आगन में थीं। तेंदुओं ने बिल्ली व उसके पांच बच्चों को निवाला बना लिया। शोर-शराबा करने पर तेंदुए खेतों में चले गए। दूसरे दिन शनिवार को रात आठ बजे फिर शिकार की तलाश में घर के आसपास मंडराने लगे। शोर-शराबा करने पर तेंदुए गन्ने में खेतों में चले जाते थे और कुछ देर के बाद फिर घर के आसपास दिख जाते थे। आधी रात तक तेंदुए इसी तरह तांडव करते रहे। परिवार के लोग तेंदुओं के डर से रात भर जागते रहे। वन विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई वन कर्मी रात में मौके पर नहीं पहुंचा। वन कर्मी मौके पर पहुंचने का आश्वासन ही देते रहे। सुबह होने पर वन विभाग के टाइगर ट्रेकर चेतन कुमार व राजीव ढाली ने मौके पर पहुंचकर पगचिह्न ट्रेस किए। उधर, ठंड बढ़ते ही बाघों ने आबादी के आस पास चहलकदमी शुरू कर दी है। गांव तिरकुनियां नसीर निवासी जावेद ने बताया कि बह रविबार की सुबह आठ बजे रसूला से घर बापस लौट रहा था। इस दौरान रसूला के कब्रिस्तान से निकल एक बाघ सड़क पर आ गया। बाघ सामने देख वह उल्टे वापस लौट गए। बाघ चहलकदमी करता हुआ रसूला निवासी दलबीर सिंह के गन्ने के खेत में चला गया।
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लोगों को जागरूक किया जा रहा। पटाखा दागकर तेंदुओं को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अगर तेंदुए अब एक ही स्थान पर लगातार दिखाई देते हैं, तो पिंजरा लगाकर पकड़ा जाएगा और जंगल में छोड़ा जाएगा।
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