{"_id":"615afc3b8ebc3edae039fab4","slug":"wild-animal-pilibhit-news-bly461772584","type":"story","status":"publish","title_hn":"मगरमच्छ को मार डालने के मामले में रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मगरमच्छ को मार डालने के मामले में रिपोर्ट दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीसलपुर। वन विभाग की टीम ने सोमवार को तीसरे दिन गांव राजूपुर में मगरमच्छ मारे जाने के मामले में विभागीय मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। टीम ने इस सिलसिले में हिरासत में लिए गए ग्रामीण को निर्दोष पाए जाने पर छोड़ दिया है।
गांव राजूपुर कुंडरी के कुछ लोगों ने दो अक्तूबर को देवहा नदी से निकलकर गांव में आ गए मगरमच्छ को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला था। उन लोगों ने मामला छिपाने के मकसद से मगरमच्छ का शव नदी में फेंक दिया था। मामला जानकारी में आते ही वन विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की और नदी से मगरमच्छ का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेज दिया। टीम ने शक के आधार पर गांव के एक ग्रामीण को उसी दिन हिरासत में ले लिया था। अब वन विभाग की टीम ने मामले की जांच पड़ताल पूरी कर ली है, जिसमें गांव के तीन लोग दोषी पाए गए। डिप्टी रेंजर अवनीश कुमार ने बताया कि सोमवार को इस मामले में विभागीय मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसमें गांव के ही नूर नवी, शिवकुमार, और तेजपाल को नामजद किया गया है। डिप्टी रेंजर ने यह भी बताया कि जांच पड़ताल में निर्दोष पाए जाने पर हिरासत में लिए गए ग्रामीण को रिहा कर दिया गया है।
विज्ञापन
गांव राजूपुर कुंडरी के कुछ लोगों ने दो अक्तूबर को देवहा नदी से निकलकर गांव में आ गए मगरमच्छ को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला था। उन लोगों ने मामला छिपाने के मकसद से मगरमच्छ का शव नदी में फेंक दिया था। मामला जानकारी में आते ही वन विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की और नदी से मगरमच्छ का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेज दिया। टीम ने शक के आधार पर गांव के एक ग्रामीण को उसी दिन हिरासत में ले लिया था। अब वन विभाग की टीम ने मामले की जांच पड़ताल पूरी कर ली है, जिसमें गांव के तीन लोग दोषी पाए गए। डिप्टी रेंजर अवनीश कुमार ने बताया कि सोमवार को इस मामले में विभागीय मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसमें गांव के ही नूर नवी, शिवकुमार, और तेजपाल को नामजद किया गया है। डिप्टी रेंजर ने यह भी बताया कि जांच पड़ताल में निर्दोष पाए जाने पर हिरासत में लिए गए ग्रामीण को रिहा कर दिया गया है।
विज्ञापन