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महीने भर से ललौरीखेड़ा इलाके में डेरा जमाए है बाघ, ग्रामीणों में दहशत
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पीलीभीत। जंगल से निकला एक बाघ ललौरीखेड़ा ब्लॉक के रिहायशी इलाके में एक माह से डेरा जमाए हुए है। तीन दिन से बाघ हड़ा गांव के आसपास चहलकदमी करता देखा गया। इस पर संभावित स्थानों पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर) की ओर से निगरानी के लिए छह कैमरे लगाए गए हैं। सामाजिकी वानिकी प्रभाग की टीम मॉनिटरिंग में जुटी है।
अमरिया क्षेत्र के ड्यूनीडैम से देवहा नदी के किनारे होते हुए एक बाघ माह भर पहले ललौरीखेड़ा क्षेत्र में आ पहुंचा। तबसे बाघ इसी इलाके में डेरा जमाए हुए है। हालांकि सामाजिकी वानिकी प्रभाग की टीम लगातार इस बाघ की मॉनिटरिंग कर रही है। पिछले कुछ दिनों से बाघ की चहलकदमी तेज होने की जानकारी पर सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार ने डिप्टी रेंजर देवऋषि सक्सेना को बाघ की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। बताते हैं कि बाघ पिछले तीन दिन से ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव हड़ा के आसपास देखा जा रहा है। रविवार को गांव निवासी गया प्रसाद के खाली पड़े खेत में बाघ के पैरों के निशान देखे गए। डिप्टी रेंजर ने भी टीम के साथ पहुंचकर पैरों के निशान ट्रेस किए और ग्रामीणों को समूह बनाकर ही खेतों में जाने की अपील की। इधर, अफसरों के निर्देश पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से बाघ के चहलकदमी के संभावित स्थानों पर छह कैमरे लगाए गए हैं। फिलहाल अभी तक बाघ कैमरे की जद में नहीं आया है। सोमवार को भी डिप्टी रेंजर देवऋषि सक्सेना टीम के साथ क्षेत्र में ही मौजूद रहे, मगर सोमवार को बाघ को कोई लोकेशन नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दिन रात बाघ की मॉनिटरिंग की जा रही है। ग्रामीणों को भी अलर्ट किया जा रहा है।
देवहा नदी के किनारे होते हुए एक बाघ ललौरीखेड़ा क्षेत्र में आकर घूम रहा है। टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। निगरानी को छह कैमरे भी लगवा दिए गए हैं। प्रयास किया जाएगा कि बाघ को खदेड़ दिया जाए। ग्रामीण खेतों की ओर जाने में सावधानी बरतें।
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- संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग
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अमरिया क्षेत्र के ड्यूनीडैम से देवहा नदी के किनारे होते हुए एक बाघ माह भर पहले ललौरीखेड़ा क्षेत्र में आ पहुंचा। तबसे बाघ इसी इलाके में डेरा जमाए हुए है। हालांकि सामाजिकी वानिकी प्रभाग की टीम लगातार इस बाघ की मॉनिटरिंग कर रही है। पिछले कुछ दिनों से बाघ की चहलकदमी तेज होने की जानकारी पर सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार ने डिप्टी रेंजर देवऋषि सक्सेना को बाघ की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। बताते हैं कि बाघ पिछले तीन दिन से ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव हड़ा के आसपास देखा जा रहा है। रविवार को गांव निवासी गया प्रसाद के खाली पड़े खेत में बाघ के पैरों के निशान देखे गए। डिप्टी रेंजर ने भी टीम के साथ पहुंचकर पैरों के निशान ट्रेस किए और ग्रामीणों को समूह बनाकर ही खेतों में जाने की अपील की। इधर, अफसरों के निर्देश पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से बाघ के चहलकदमी के संभावित स्थानों पर छह कैमरे लगाए गए हैं। फिलहाल अभी तक बाघ कैमरे की जद में नहीं आया है। सोमवार को भी डिप्टी रेंजर देवऋषि सक्सेना टीम के साथ क्षेत्र में ही मौजूद रहे, मगर सोमवार को बाघ को कोई लोकेशन नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दिन रात बाघ की मॉनिटरिंग की जा रही है। ग्रामीणों को भी अलर्ट किया जा रहा है।
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देवहा नदी के किनारे होते हुए एक बाघ ललौरीखेड़ा क्षेत्र में आकर घूम रहा है। टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। निगरानी को छह कैमरे भी लगवा दिए गए हैं। प्रयास किया जाएगा कि बाघ को खदेड़ दिया जाए। ग्रामीण खेतों की ओर जाने में सावधानी बरतें।
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- संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग