{"_id":"6009d08c8ebc3e2e5954a940","slug":"wild-animal-pilibhit-news-bly4346188182","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद पड़े फार्महाउस के पास रातभर टहलता रहा बाघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद पड़े फार्महाउस के पास रातभर टहलता रहा बाघ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। रिहायशी इलाके में घूम रहे बाघ बृहस्पतिवार को अपने पुराने ठिकाने को ओर बढ़ता दिखाई दिया। वनकर्मियों के मुताबिक बाघ की लोकेशन हरदोई ब्रांच नहर के समीप एक फार्महाउस के आसपास देखी गई। वहीं रात में बाघ एक बंद पड़े फार्महाउस के पास घूमता रहा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज से भटककर रिहायशी इलाके में घूम रहा बाघ बृहस्पतिवार को अपने पुराने ठिकाने की ओर बढ़ता दिखाई दिया। निगरानी टीम के मुताबिक दिन में बाघ की लोकेशन हरदोई ब्रांच नहर के समीप एक फार्महाउस के आसपास देखी गई। माधोटांडा के इलाके में आने के बाद ही बाघ ने इस स्थान से ही अन्य क्षेत्रों की ओर रुख किया था। चित्तरपुर पुल के पास डेरा जमाने के बाद बाघ ने शाहगढ़ क्षेत्र की खन्नौत नदी, गांव सिसैया होते हुए नौ जनवरी को पूरनपुर क्षेत्र में दस्तक दे दी थी। तबसे बाघ पूरनपुर क्षेत्र के नवदिया सुल्तानपुर, मनहरिया खुर्द गजरौला जप्ती और खांडेपुर गांव के आसपास घूमता रहा। एक दिन पहले बाघ की लोकेशन गोमती गुरुद्वारा के पीछे देखी गई। इधर रात में बाघ पचपेड़ा प्रहलादपुर में सरदारा सिंह के बंद पड़े फार्महाउस के पास टहलता रहा। सुबह जब लोगों ने बाघ के पैरों के निशान देखे, तब उन्हें बाघ होने की जानकारी हुई। इधर बृहस्पतिवार को बाघ अपनी पुराने ठिकाने यानी हरदोई ब्रांच की ओर बढ़ता दिखाई दिया। निगरानी टीम के मुताबिक बाघ की लोकेशन हरदोई ब्रांच नहर के समीप एक फार्म हाउस के आसपास पाई गई। इधर शासन स्तर से बाघ को ट्रैंक्युलाइज करने की अनुमति बृहस्पतिवार को भी नहीं मिल सकी। रिहायशी इलाके में लगातार घूम रहे बाघ के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ती जा रही है। बताते हैं कि मंगलवार रात एक ढाबे के किनारे पहुंचे बाघ को देख खुद खुराफाती तत्वों ने तमंचे भी लहराए। इस दौरान मौके पर मौजूद वनकर्मियों ने लोगों को समझाबुझाकर वहां से रवाना कर दिया था। सामाजिक वानिकी प्रभाग पूरनपुर रेंजर अयूब हसन ने बताया कि बाघ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। टीम लगातार बाघ पर नजर जमाए हुए है।
विज्ञापन
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज से भटककर रिहायशी इलाके में घूम रहा बाघ बृहस्पतिवार को अपने पुराने ठिकाने की ओर बढ़ता दिखाई दिया। निगरानी टीम के मुताबिक दिन में बाघ की लोकेशन हरदोई ब्रांच नहर के समीप एक फार्महाउस के आसपास देखी गई। माधोटांडा के इलाके में आने के बाद ही बाघ ने इस स्थान से ही अन्य क्षेत्रों की ओर रुख किया था। चित्तरपुर पुल के पास डेरा जमाने के बाद बाघ ने शाहगढ़ क्षेत्र की खन्नौत नदी, गांव सिसैया होते हुए नौ जनवरी को पूरनपुर क्षेत्र में दस्तक दे दी थी। तबसे बाघ पूरनपुर क्षेत्र के नवदिया सुल्तानपुर, मनहरिया खुर्द गजरौला जप्ती और खांडेपुर गांव के आसपास घूमता रहा। एक दिन पहले बाघ की लोकेशन गोमती गुरुद्वारा के पीछे देखी गई। इधर रात में बाघ पचपेड़ा प्रहलादपुर में सरदारा सिंह के बंद पड़े फार्महाउस के पास टहलता रहा। सुबह जब लोगों ने बाघ के पैरों के निशान देखे, तब उन्हें बाघ होने की जानकारी हुई। इधर बृहस्पतिवार को बाघ अपनी पुराने ठिकाने यानी हरदोई ब्रांच की ओर बढ़ता दिखाई दिया। निगरानी टीम के मुताबिक बाघ की लोकेशन हरदोई ब्रांच नहर के समीप एक फार्म हाउस के आसपास पाई गई। इधर शासन स्तर से बाघ को ट्रैंक्युलाइज करने की अनुमति बृहस्पतिवार को भी नहीं मिल सकी। रिहायशी इलाके में लगातार घूम रहे बाघ के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ती जा रही है। बताते हैं कि मंगलवार रात एक ढाबे के किनारे पहुंचे बाघ को देख खुद खुराफाती तत्वों ने तमंचे भी लहराए। इस दौरान मौके पर मौजूद वनकर्मियों ने लोगों को समझाबुझाकर वहां से रवाना कर दिया था। सामाजिक वानिकी प्रभाग पूरनपुर रेंजर अयूब हसन ने बताया कि बाघ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। टीम लगातार बाघ पर नजर जमाए हुए है।
विज्ञापन