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Pilibhit News: ... आखिर कहां की है हत्यारी बाघिन

Sun, 20 Jul 2025 12:38 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 20 Jul 2025 12:38 AM IST
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... where is the killer tigress from?
जितेंद्र अवस्थी
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पीलीभीत। न्यूरिया क्षेत्र में तीन इंसानों की जान लेने वाली और करीब 10 किमी दायरे के गांवों में दहशत का पर्याय बनी बाघिन आखिर कहां से आई है, विभाग यह जानने की कोशिश में जुटा है।
14 जून को बाघिन ने न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव मेवातपुर निवासी किसान मुकेश पर हमला कर मार डाला था। इसके ठीक एक माह बाद बाघिन ने इसी थाना क्षेत्र के गांव फुलहर निवासी दयाराम पर हमला कर जान ले ली। इसके बाद बाघिन के हमले बढ़ गए। बृहस्पतिवार को बाघिन ने दो घंटे के अंतराल में करीब पांच किमी दायरे में तीन हमले किए। मंडरिया निवासी महिला कृष्णा को मौत के घाट उतार दिया। गांव के ही किशोर नीलेश का जिला अस्पताल और सहजनिया निवासी मीना का लखनऊ में इलाज चल रहा है। एक दिन में तीन हमले विभाग के लिए भी एक नई तरह की घटना है। बाघिन को बेहोश कर पकड़ने के साथ ही पहचान के प्रयास भी तेज हुए हैं। बताया जा रहा है कि बाघिन पीटीआर की नहीं है। संवाद
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बाघ गणना में कैद नहीं बाघिन की कोई फोटो
अक्तूबर 2024 से जनवरी वर्ष 2025 तक पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघों की गणना हुई थी। दो चरणों में हुई मिलान में बाघिन का कोई फोटो और अन्य पहचान नहीं मिली है। किसी भी कैमरे में फोटो कैद नहीं हुई थी। अब टाइगर रिजर्व ने इसकी पहचान के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान को फोटो और पगचिह्न की फोटो भेजी है।
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...केन टाइगर तो नहीं है बाघिन
बाघिन के केन टाइगर (गन्ने में रहने वाले) होने की चर्चा भी जोरों पर है। संभावना है कि करीब तीन से चार वर्ष की इस बाघिन का जन्म गन्ने के खेतों में ही हुआ है। शिकार के दांव पेंच भी गन्ने के खेतों में सीखे और कभी जंगल गई ही नहीं। बाघिन के सुरई रेंज या अन्य जंगलों से आने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। केन टाइगर बाघों की कोई प्रजाति नहीं है। लोगों ने लंबे समय से गन्ने के खेतों में रहने वाले बाघों को यह नाम दे दिया है।



जनवरी में हुई गणना के समय इस बाघिन का कोई फोटो कैमरे में कैद नहीं हुआ है। यह बाघिन के पीटीआर की न होने की पुष्टि करता है। हो सकता है बाघिन के पड़ोस के जंगलों से आ गई। पहचान के लिए वन्य जीव संस्थान को फोटो भेजे गए हैं। – मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर
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