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Pilibhit News: नौ साल बाद भी जब नहीं मिला इंसाफ तो पीएम को भेजा पत्र
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कागज दिखाता पीड़ित राजेंद्र कुमार राठौर।संवाद
पीलीभीत। साहब मैं गरीब हूं, पिछले नौ साल से इंसाफ के लिए भटक रहा हूं। नगर पालिका की ओर से मिली दुकान वर्ष 2015 में प्रशासन ने अतिक्रमण अभियान में तोड़ डाली। तब से परिवार आर्थिक संकट झेल रहा है। पत्नी की मौत हो गई, मैं खुद भी बीमार हूं। यह बात शहर के मोहल्ला डालचंद निवासी एक वृद्ध ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में लिखी है।
मोहल्ला डालचंद निवासी राजेंद्र कुमार राठौर (65) ने पीएम को भेजे पत्र में कहा है कि वर्ष 1960 में नगर पालिका की ओर से मिर्च मंडी में उनके नाम एक दुकान एलाट की गई थी। जिस पर वह रेडीमेड कपड़े की दुकान संचालित कर रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य भी दुकान पर बैठते थे। जिससे परिवार का गुजर- बसर आसानी से हो जाता था, लेकिन वर्ष 2015 में प्रशासन ने अतिक्रमण का हवाला देते हुए दुकान को जेसीबी से तोड़ दिया। नौ साल से वह परेशान होकर इंसान के लिए भटक रहे हैं।
जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक दुकान की मरम्मत या दूसरे स्थान पर दुकान के लिए जगह देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। अब प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है, ताकि परिवार की गुजर बसर हो सके।
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मोहल्ला डालचंद निवासी राजेंद्र कुमार राठौर (65) ने पीएम को भेजे पत्र में कहा है कि वर्ष 1960 में नगर पालिका की ओर से मिर्च मंडी में उनके नाम एक दुकान एलाट की गई थी। जिस पर वह रेडीमेड कपड़े की दुकान संचालित कर रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य भी दुकान पर बैठते थे। जिससे परिवार का गुजर- बसर आसानी से हो जाता था, लेकिन वर्ष 2015 में प्रशासन ने अतिक्रमण का हवाला देते हुए दुकान को जेसीबी से तोड़ दिया। नौ साल से वह परेशान होकर इंसान के लिए भटक रहे हैं।
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जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक दुकान की मरम्मत या दूसरे स्थान पर दुकान के लिए जगह देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। अब प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है, ताकि परिवार की गुजर बसर हो सके।
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