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निर्यात पर रोक लगते ही 150 रुपये तक गिरे गेहूं के दाम

Tue, 17 May 2022 12:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 12:27 AM IST
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Wheat prices fell by Rs 150 as soon as exports were banned
पूरनपुर। गेहूं निर्यात पर रोक लगने के 24 घंटे के अंदर खुले बाजार में गेहूं खरीद में 150 रुपये तक की गिरावट आ गई है। सरकारी खरीद केंद्रों पर अभी तक लक्ष्य के एक प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो पाई है। मगर अब भी सरकारी भाव और बाजार के भाव में खास अंतर नहीं है। अगर गेहूं का रेट और गिरता है तो ही सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं पहुंच सकेगा।
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पिछले साल की तुलना में इस बार जिले में 1800 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अधिक गेहूं बोया गया। पिछले साल 140500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया था। इस बार 142300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं का उत्पादन हुआ। इस बार सरकार ने गेहूं का रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया। बाहर से गेहूं की मांग बढ़ने पर भारी मात्रा में गेहूं निर्यात किया गया। इससे सरकारी क्रय केंद्रों से ज्यादा खुले बाजार में गेहूं का मूल्य रहा और सरकारी केंद्रों पर कुछ ही किसान पहुंचे।
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पूरनपुर और कलीनगर क्षेत्र में 64 खरीद केंद्र लगाए गए। गेहूं खरीद का मूल्य भुगतान 24 घंटे में डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में पहुंचने की व्यवस्था की गई। इसके बाद भी जिले में गेहूं खरीद के 2.31 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष सिफ 1355 मीट्रिक टन गेहूं खरीद केंद्रों पर खरीदा गया। जिले के तमाम खरीद केंद्रों पर तो एक दाना गेहूं की खरीद नहीं हुई।
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गेहूं का भाव खुले बाजार में पिछले कई दिनों से 2100 से 2150 रुपये पर चल रहा था। गेहूं निर्यात पर लगी रोक पर 24 घंटे के अंदर ही गेहूं का भाव खुले बाजार में डेढ़ सौ रुपये गिर गया। रविवार को मंडी में गेहूं का रेट दो हजार रुपये क्विंटल रहा।
रेट और गिरें तो ही खरीद केंद्रों पहुंचेगा गेहूं
पूरनपुर। गेहूं का रेट 150 रुपये गिरने के बाद भी बाजार में 2000 रुपये क्विंटल में बिक्री हुआ। सरकारी घोषित मूल्य 2015 रुपये क्विंटल है। खरीद केंद्र पर डस्टर, लेबर आदि का भी किसानों से लिया जाता है। ऐसे में अगर गेहूं का खुले बाजार में रेट और गिरता है तो ही सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं पहुंचेगा।
किसान खुश, स्टाक करने वाले चिंतित
पूरनपुर। बाजार में गेहूं का मूल्य घोषित मूल्य से अधिक होने का फायदा किसानों को मिला। तमाम किसान तो खेतों से गेहूं बिक्री कर घर लौटे। व्यापारियों को भी अच्छा लाभ हुआ मगर कुछ व्यापारियों ने गेहूं का रेट और बढ़ने की आशंका पर स्टाक कर लिया। अब गेहूं का रेट गिरने से स्टाक करने वाले चिंतित है।

पिछले साल जिले के 140500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं का उत्पादन हुआ था। इस बार 142299 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं का उत्पादन हुआ है।
- डॉ. विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
घोषित रेट से बाजार में गेहूं का मूल्य अभी अधिक है। जिले के 133 खरीद केंद्र खरीद करने को तैयार है। गेहूं खरीद हो इसके लिए प्रधानों, कोटेदारों से संपर्क किया गया। जो किसान गेहूं बिक्री करना चाहे वे सूचना दें। ताकि उनके घर से गेहूं खरीदवाया जा सके।
- ज्ञानचंद वर्मा, डिप्टी आरएमओ
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