{"_id":"5ebd8acb8ebc3e905a08e704","slug":"wheat-center-pilibhit-news-bly4058569147","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बिना टोकन होगी किसानों से गेहूं खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बिना टोकन होगी किसानों से गेहूं खरीद
विज्ञापन
पीलीभीत। बेमौसम आंधी-बारिश से प्रभावित किसान अब लॉकडाउन के बीच बिना टोकन ही अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे। शासन ने गेहूं खरीद की सुस्त रफ्तार को देखते यह व्यवस्था शुरू कराई है। अपर आयुक्त (विपणन) अरुण कुमार सिंह ने आदेश जारी कर नई व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
कोरोना महामारी में इस बार 15 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। मगर एक माह बीतने के बाद भी गेहूं खरीद का आंकड़ा लक्ष्य के सापेक्ष आधा भी नहीं हो पाया। बेमौसम आंधी-बारिश से किसानों की कई एकड़ गेहूं की फसल प्रभावित हुई। वहीं लॉकडाउन ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। हालांकि सरकार ने लॉकडाउन के बीच किसानों को फसल काटने और उसे मंडी तक ले जाने की छूट तो दी, मगर टोकन व्यवस्था से किसानों पर बंदिशें बरकरार रहीं। इन्हीं सब जटिल प्रक्रियाओं का परिणाम यह रहा कि ज्यादातर गेहूं बिचौलियों के हाथों में पहुंच गया।
इधर, अब क्रय केंद्रों पर प्रतिदिन के लक्ष्य के हिसाब से किसानों की संख्या भी कम होने लगी है। इससे गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त होती जा रही है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 127 क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष करीब 45 फीसदी ही गेहूं की खरीद हो सकी है। ऐसे में 1.79 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य पूरा होने की संभावना कम है। मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद किसानों को गेहूं बिक्री में राहत देते हुए टोकन व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अपर आयुक्त विपणन अरुण कुमार सिंह ने बिना टोकन व्यवस्था गेहूं खरीद करने के साथ ही कोविड-19 से बचाव को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए गेहूं खरीदने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
अब किसान बिना टोकन ही क्रय केंद्रों पर गेहूं बेंच सकेंगे। इसको लेकर सभी एजेंसी के प्रबंधकों और केेंद्र प्रभारियों को अवगत करा दिया गया है। -डॉ. अविनाश कुमार झा, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
कोरोना महामारी में इस बार 15 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। मगर एक माह बीतने के बाद भी गेहूं खरीद का आंकड़ा लक्ष्य के सापेक्ष आधा भी नहीं हो पाया। बेमौसम आंधी-बारिश से किसानों की कई एकड़ गेहूं की फसल प्रभावित हुई। वहीं लॉकडाउन ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। हालांकि सरकार ने लॉकडाउन के बीच किसानों को फसल काटने और उसे मंडी तक ले जाने की छूट तो दी, मगर टोकन व्यवस्था से किसानों पर बंदिशें बरकरार रहीं। इन्हीं सब जटिल प्रक्रियाओं का परिणाम यह रहा कि ज्यादातर गेहूं बिचौलियों के हाथों में पहुंच गया।
विज्ञापन
इधर, अब क्रय केंद्रों पर प्रतिदिन के लक्ष्य के हिसाब से किसानों की संख्या भी कम होने लगी है। इससे गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त होती जा रही है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 127 क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष करीब 45 फीसदी ही गेहूं की खरीद हो सकी है। ऐसे में 1.79 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य पूरा होने की संभावना कम है। मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद किसानों को गेहूं बिक्री में राहत देते हुए टोकन व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अपर आयुक्त विपणन अरुण कुमार सिंह ने बिना टोकन व्यवस्था गेहूं खरीद करने के साथ ही कोविड-19 से बचाव को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए गेहूं खरीदने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
अब किसान बिना टोकन ही क्रय केंद्रों पर गेहूं बेंच सकेंगे। इसको लेकर सभी एजेंसी के प्रबंधकों और केेंद्र प्रभारियों को अवगत करा दिया गया है। -डॉ. अविनाश कुमार झा, डिप्टी आरएमओ