{"_id":"6015a0c48ebc3e340c4f7015","slug":"weather-pilibhit-news-bly4355350168","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्फीली हवा से गलन बरकरार, पारा चार डिग्री सेल्सियस पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्फीली हवा से गलन बरकरार, पारा चार डिग्री सेल्सियस पहुंचा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। लगातार तीसरे दिन बर्फीली हवा चलने से धूप बेअसर रही। गलन होने से लोग ठिठुुरते दिखाई दिए। धूप निकलने के दौरान भी हवा सर्दी का अहसास कराती रही। न्यूनतम तापमान भी गिरावट के साथ चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फिलहाल इस सप्ताह इसी तरह से सर्दी बनी रहने की उम्मीद जताई गई है।
26 जनवरी से शीतलहर का कहर तराई में बना हुआ है। बीते दो दिनों की बात करें तो बर्फीली हवाओं से शीतलहर की वापसी सी हो चुकी है। शुक्रवार को दिनभर मौसम ठंडा रहा। रात को हवा तेज होने के साथ ही घना कोहरा छा गया। सड़कों पर कुछ दूर का भी दिखाई नहीं दे रहा था। इससे आवागमन में काफी असर पड़ा। सफर में निकले राहगीरों को हादसे का डर सताता रहा। वाहनों की रफ्तार थमी रही। शनिवार सुबह भी बादलों के साथ कोहरा रहा। धूप निकलने के आसार कम थे, मगर दोपहर एक बजे कोहरा हटा तो सूर्यदेव की झलक दिखाई दी। फिर धूप भी खिली रही, मगर बर्फीली हवा मुसीबत बनी रही। आलम यह था कि धूप में रहने के बाद भी गलन से लोग ठिठुरते रहे। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवा चलती रही।
विज्ञापन
26 जनवरी से शीतलहर का कहर तराई में बना हुआ है। बीते दो दिनों की बात करें तो बर्फीली हवाओं से शीतलहर की वापसी सी हो चुकी है। शुक्रवार को दिनभर मौसम ठंडा रहा। रात को हवा तेज होने के साथ ही घना कोहरा छा गया। सड़कों पर कुछ दूर का भी दिखाई नहीं दे रहा था। इससे आवागमन में काफी असर पड़ा। सफर में निकले राहगीरों को हादसे का डर सताता रहा। वाहनों की रफ्तार थमी रही। शनिवार सुबह भी बादलों के साथ कोहरा रहा। धूप निकलने के आसार कम थे, मगर दोपहर एक बजे कोहरा हटा तो सूर्यदेव की झलक दिखाई दी। फिर धूप भी खिली रही, मगर बर्फीली हवा मुसीबत बनी रही। आलम यह था कि धूप में रहने के बाद भी गलन से लोग ठिठुरते रहे। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवा चलती रही।
विज्ञापन