UP: पीलीभीत में बारिश से नदियों का बढ़ने लगा जलस्तर, शारदा में समाया घर... कटान से ग्रामीणों में दहशत
पीलीभीत में बारिश के बाद ड्यूनी डैम से देवहा नदी में छह हजार क्यूसेक और बनवसा बैराज से शारदा नदी में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी पास किया गया है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। शारदा नदी ने कटान भी शुरू कर दिया है।
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पीलीभीत में बारिश का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। रुक-रुककर बारिश होने से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं शहर के कुछ इलाकों में जलभराव बड़ी मुसीबत बन गया। लगातार हो रही बारिश के बाद ड्यूनी डैम से देवहा नदी में छह हजार क्यूसेक और बनवसा बैराज से शारदा नदी में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी पास किया गया है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है।
कलीनगर और पूरनपुर क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। तहसील प्रशासन ने लोगों को अलर्ट किया है। वहीं सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग की टीम क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रही है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर शारदा नदी कटान भी कर रही है।
एक घर नदी में समाया
कलीनगर तहसील के अंतर्गत रमनगरा ग्राम पंचायत के गुनहान गांव में एक बार फिर शारदा नदी ने कटान तेज कर दिया है। वर्ष 1989 में जहां गांव की पूरी आबादी नदी में समा गई थी। अब वही खतरा गांव की कृषि भूमि पर मंडरा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गत वर्ष और इस चालू बरसात से लेकर अब तक नदी लगातार कटान कर रही है। दो कमरों का एक मकान भी नदी में समा चुका है। ऐसे में लोगों की चिंता लगातार बढ़ रहीं हैं।
नेपाल से जनपद सीमा में प्रवेश करने के बाद शारदा नदी बूंदीभूड़, बंदरभोज और नौजल्हा नंबर एक के इलाके से कलीनगर तहसील क्षेत्र में प्रवेश करती है। वैसे तो नदी कई दिन से आबादी की दिशा में कटान कर रही थी, लेकिन कई वर्षों बाद नदी की धार रमनगरा क्षेत्र में दो धारों में बंट गई। इसके बाद नदी के पार बसे गुनहान क्षेत्र में नदी कृषि भूमि का लगातार कटान कर रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों पहले जब भीषण बाढ़ ने गांव की आबादी को उजाड़ा था, तब वह लोग शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में अस्थायी तौर पर बस गए थे। अब उनकी कृषि भूमि, जो जीने का आखिरी सहारा थी, उसपर भी खतरा मंडराने लगा है। गत वर्ष से शुरू हुआ कटान इस साल और तेज हो गया है।
फसलें हुई बर्बाद
अब तक करीब डेढ़ दर्जन किसानों की उपजाऊ भूमि नदी में कट चुकी है। इसमें गन्ना, धान और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। बीते दिनों पूर्व प्रधान प्रशांत साना का दो कमरों का पक्का मकान भी नदी में समा गया। ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में पिछले साल बीएसएनएल का टावर भी कटान की भेंट चढ़ चुका है। इसके साथ ही नदी का रुख बाएं किनारे की ओर गुनहान क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अबतक कोई सर्वे नहीं हुआ है।
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने की जानकारी लगते ही कलीनगर के नायब तहसीलदार अक्षय यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनका कहना है कि ग्राम प्रधानों के जरिये लोगों को नदी किनारे न जाने के लिए जागरूक कराया जा रहा है। राजस्व टीमों को भी सक्रिय किया गया है। रमनगरा के गुनहान क्षेत्र में कटान की स्थिति का पता लगाने को टीम भेजी जाएगी।