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दियोरिया पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का चक्का जाम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Mon, 03 Sep 2018 05:44 PM IST
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खेत पर गई विवाहिता से चाकू के बल पर दुष्कर्म की कोशिश करने के मामले को मारपीट बता सिर्फ एनसीआर दर्ज कर आरोपी का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। नतीजतन आरोपी ने जमानत मिलते ही पीड़ित परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बीसलपुर-दियोरिया मार्ग पर चक्का जाम कर कोतवाली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसकी सूचना मिलने पर पहुंचे विधायक, एसडीएम और सीओ के कार्रवाई का आश्वासन देने पर ग्रामीणों को चार घंटे बाद बमुश्किल शांत कराया जा सका। मामले में अब दी गई तहरीर के आधार पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कर दियोरिया पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दियोरिया कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने दो दिन पूर्व पुलिस से गांव के ही भगवानदास की शिकायत की थी। आरोप था कि दोपहर एक बजे जब वह खेत पर जा रही थी तो आरोपी ने उसको रास्ते में रोक लिया। इसके बाद चाकू के बल पर दुष्कर्म करने की कोशिश की गई थी। महिला की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के बजाए कोतवाली पुलिस ने मौखिक शिकायत के आधार पर मारपीट की घटना दिखाते हुए एनसीआर दर्ज की और आरोपी भगवान दास का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। जिसके बाद आरोप है कि उसी दिन आरोपी जमानत पर छूटकर आया और पीड़ित परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। कोतवाली पुलिस की कार्यशैली से गुस्साए ग्रामीण रविवार सुबह सड़कों पर आ गए। सुबह करीब सता बजे बीसलपुर-दियोरिया मार्ग पर आकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान कोतवाली पुलिस पर आरोपी से साठगांठ का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसकी सूचना मिलने पर विधायक बीसलपुर रामसरन वर्मा, एसडीएम वंदना त्रिवेदी, सीओ प्रवीण मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी जुटाई। करीब चार घंटे बाद 11 बजे ग्रामीणों को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए शांत कराया जा सका। जिसके बाद पीड़िता की तरफ से दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए घटना की तहरीर दी गई। कोतवाली दियोरिया पुलिस ने इसी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
महिलाओं के दिखाई दिए उग्र तेवर
प्रदर्शन के दौरान महिला और पुरुष दोनों ही शामिल रहे, लेकिन घटना को लेकर महिलाओं के तेवर खासा उग्र थे। चक्का जाम करने आई महिलाएं हाथ में डंडे लिए हुए थीं। अधिकारियों से बातचीत के दौरान कई बार तीखी नोकझोंक भी होती रही।
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कोतवाल ने साठगांठ के आरोप को बताया गलत
आरोपी भगवानदास के पिता कोतवाली के चौकीदार हैं। इस वजह से पुलिस पर ग्रामीण मिलीभगत और आरोपी को बचाने का आरोप लगा रहे थे। वहीं कोतवाल ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है। कोतवाल दियोरियाकलां हरिशंकर ने बताया कि महिला ने दो दिन पहले आकर मौखिक शिकायत की थी। इस दौरान कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई थी। उसने अपने साथ सिर्फ मारपीट होने की बात कही। इसी को देखते हुए एनसीआर दर्ज कर मेडिकल परीक्षण करा आरोपी का 151 में चालान कर दिया गया था।
फंसे रहे राहगीर, वाहनों की लगी कतार
पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन चार घंटे तक चला। इस दौरान एक भी वाहन निकलने नहीं दिया गया। बीसलपुर दियोरिया मार्ग पर जाने कोई और रास्ता न होने की वजह से कुछ ही देर में वाहनों की कतार लग गई। जिसके चलते चार घंटे तक राहगीर इस चक्का जाम में फंसकर रह गए।
पहले किसी तरह की तहरीर दियोरिया पुलिस को न दिए जाने के कारण यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि पुलिस ने उस वक्त धाराओं खेल किया। इसकी जांच कराई जाएगी। अब दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। जो भी रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
प्रवीण मलिक, सीओ बीसलपुर
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दियोरिया कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने दो दिन पूर्व पुलिस से गांव के ही भगवानदास की शिकायत की थी। आरोप था कि दोपहर एक बजे जब वह खेत पर जा रही थी तो आरोपी ने उसको रास्ते में रोक लिया। इसके बाद चाकू के बल पर दुष्कर्म करने की कोशिश की गई थी। महिला की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के बजाए कोतवाली पुलिस ने मौखिक शिकायत के आधार पर मारपीट की घटना दिखाते हुए एनसीआर दर्ज की और आरोपी भगवान दास का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। जिसके बाद आरोप है कि उसी दिन आरोपी जमानत पर छूटकर आया और पीड़ित परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। कोतवाली पुलिस की कार्यशैली से गुस्साए ग्रामीण रविवार सुबह सड़कों पर आ गए। सुबह करीब सता बजे बीसलपुर-दियोरिया मार्ग पर आकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान कोतवाली पुलिस पर आरोपी से साठगांठ का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसकी सूचना मिलने पर विधायक बीसलपुर रामसरन वर्मा, एसडीएम वंदना त्रिवेदी, सीओ प्रवीण मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी जुटाई। करीब चार घंटे बाद 11 बजे ग्रामीणों को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए शांत कराया जा सका। जिसके बाद पीड़िता की तरफ से दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए घटना की तहरीर दी गई। कोतवाली दियोरिया पुलिस ने इसी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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महिलाओं के दिखाई दिए उग्र तेवर
प्रदर्शन के दौरान महिला और पुरुष दोनों ही शामिल रहे, लेकिन घटना को लेकर महिलाओं के तेवर खासा उग्र थे। चक्का जाम करने आई महिलाएं हाथ में डंडे लिए हुए थीं। अधिकारियों से बातचीत के दौरान कई बार तीखी नोकझोंक भी होती रही।
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कोतवाल ने साठगांठ के आरोप को बताया गलत
आरोपी भगवानदास के पिता कोतवाली के चौकीदार हैं। इस वजह से पुलिस पर ग्रामीण मिलीभगत और आरोपी को बचाने का आरोप लगा रहे थे। वहीं कोतवाल ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है। कोतवाल दियोरियाकलां हरिशंकर ने बताया कि महिला ने दो दिन पहले आकर मौखिक शिकायत की थी। इस दौरान कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई थी। उसने अपने साथ सिर्फ मारपीट होने की बात कही। इसी को देखते हुए एनसीआर दर्ज कर मेडिकल परीक्षण करा आरोपी का 151 में चालान कर दिया गया था।
फंसे रहे राहगीर, वाहनों की लगी कतार
पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन चार घंटे तक चला। इस दौरान एक भी वाहन निकलने नहीं दिया गया। बीसलपुर दियोरिया मार्ग पर जाने कोई और रास्ता न होने की वजह से कुछ ही देर में वाहनों की कतार लग गई। जिसके चलते चार घंटे तक राहगीर इस चक्का जाम में फंसकर रह गए।
पहले किसी तरह की तहरीर दियोरिया पुलिस को न दिए जाने के कारण यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि पुलिस ने उस वक्त धाराओं खेल किया। इसकी जांच कराई जाएगी। अब दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। जो भी रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
प्रवीण मलिक, सीओ बीसलपुर