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करोड़ों खर्च फिर भी ग्रामीणों को नसीब नहीं हो रहा सरकार का शुद्ध पेयजल

Fri, 13 May 2022 12:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2022 12:21 AM IST
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Villagers are thirsty even after spending crores
ग्राम पंचायत बरहा में दो साल से ठप पड़ी पानी की टंकी। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। भले ही करोड़ों खर्च कर 30 हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत में तीन करोड़ की लागत से पानी का ओवरहैड टैंक और पाइप लाइन की व्यवस्था की गई हो, मगर आलम यह है कि दो साल बाद भी सरकार की यह व्यवस्था ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल महैया नहीं करा सकी। कार्य गुणवत्ता की कहानी बयां करती गांव बरहा में नवनिर्मित पानी की टंकी सुर्खियों में है।
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शहर से सटी और ललौरीखेड़ा ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत बरहा में दो साल पहले करीब तीन करोड़ की लागत से बनी टंकी का निर्माण पूरा होने के बाद ग्राम पंचायत को हैंडओवर की गई थी। इस टंकी से 30 हजार आबादी को पानी सप्लाई दी जानी है। इसका निर्माण 2013-14 में शुुरू हुआ था। निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्था ने गांव में पाइप लाइन डालने के लिए सड़कों को खोदकर लाइन तो डाल दी, मगर सड़कों को उसी हालत में छोड़ दिया गया। पांच साल में निर्माण पूरा होने के बाद 2019 में जल निगम ने एक दिन सप्लाई करने के बाद ग्राम प्रधान को सौंप दी। पानी की सप्लाई शुरू होने के कुछ ही दिन बाद पानी के टैंक से रिसाव शुरू हो गया। पाइप लाइन में कई जगह रिसाव होने लगा। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी निर्माण के शुरुआती दौर में ही इसमें भ्रष्टाचार का घुन लग गया था। इससे ठेकेदारों ने मनमाने ढंग से काम कराया। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाई गई। कार्यदायी संस्था ने उस समय तो मरम्मत करा दी, मगर इसके बाद फिर मुड़कर नहीं देखा। पाइप लाइन में जगह जगह लीकेज होने के कारण टंकी में उसी समय ताला लगा दिया गया। इसकी शिकायत जब ग्रामीणों ने जल निगम के अधिकारियों से की, तो उन्होंने ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी बता दी। इससे मामला ठंडे बस्ते में चला गया। आलम यह है कि पिछले दो साल से ग्रामीणों को एक बूंद तक नसीब नहीं हुई है। जबकि जल निगम के अभिलेखों में 1500 कनेक्शन धारकों को पानी की सप्लाई मिल रही है।
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जल निगम की खुली नींद, कई ग्राम पंचायतों में सुचारु हुई पेयजल व्यवस्था
पीलीभीत। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये पानी में बहा दिए, मगर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। पिछले एक सप्ताह से ग्रामीणों की इस मुख्य समस्या को प्रकाशित किया जा रहा है। इससे संबंधित अधिकारियों की अब नींद खुल गई है। कई ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त होने लगी है।
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जल निगम ने ग्राम पंचायतों में ओवरहैड टैंक के साथ पानी की पाइप लाइन डालकर घरों में कनेक्शन दिए हैं। ग्राम पंचायतों के टंकी हैंडओवर करने के बाद जन निगम ने मुंह फेर लिया था। इससे ग्रामीणों को शुद्ध पानी की आपूर्ति मिलने का सपना अधूरा रह गया था। इस मुद्दा को अमर उजाला ने अभियान के रूप में गंभीरता से उठाया। इससे जल निगम के अफसरों को नींद अब टूट चुकी है। ग्राम पंचायत सिकरैना, जमुनिया, रसायाखानपुर समेत कई ग्राम पंचायत में टंकियों की मरम्मत कराकर सप्लाई शुरू कराई जा रही है। वहीं कुछ ग्राम प्रधानों से समन्वय स्थापित कर ऑपरेटर की व्यवस्था भी की जाने लगी है, ताकि पानी की सप्लाई सुचारु रूप से ग्रामीणों को मिल सके।

ग्राम पंचायत रसायाखानपुर में पानी की सप्लाई शुरु कराते जल निगम के कर्मचारी। संवाद

ग्राम पंचायत रसायाखानपुर में पानी की सप्लाई शुरु कराते जल निगम के कर्मचारी। संवाद- फोटो : PILIBHIT

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