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Pilibhit News: बुखार से पीड़ित ग्रामीण की तीन दिन बाद मौत
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मेडिकल कॉलेज से लिया था परामर्श, हालात बिगड़ी परिजन दौड़े, लेकिन पहले ही तोड़ा दम
पीलीभीत। जहानाबाद क्षेत्र में तीसरे दिन बुखार से पीड़ित 50 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर उनका बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया गया, लेकिन रात में तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के भगवंतपुर बझेड़ा गांव निवासी तीरथ प्रसाद पिछले तीन दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। बुधवार को उनकी पत्नी शहर के एक निजी चिकित्सक में दवा लेने गई थीं, लेकिन चिकित्सक के न मिलने पर गांव के एक स्थानीय चिकित्सक से दवा लेनी पड़ी। बृहस्पतिवार को परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां जांच के बाद दवा दी गई। रात करीब नौ बजे उनकी हालत गंभीर हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, वह तीन दिनों से लगातार तेज बुखार से जूझ रहे थे।
जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह का कहना था कि मरीज ने जिला अस्पताल से परामर्श लिया था। इसकी जानकारी नहीं थी। इमरजेंसी में मृत अवस्था में ही पहुंचा था। उनके इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। संवाद
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पीलीभीत। जहानाबाद क्षेत्र में तीसरे दिन बुखार से पीड़ित 50 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर उनका बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया गया, लेकिन रात में तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के भगवंतपुर बझेड़ा गांव निवासी तीरथ प्रसाद पिछले तीन दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। बुधवार को उनकी पत्नी शहर के एक निजी चिकित्सक में दवा लेने गई थीं, लेकिन चिकित्सक के न मिलने पर गांव के एक स्थानीय चिकित्सक से दवा लेनी पड़ी। बृहस्पतिवार को परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां जांच के बाद दवा दी गई। रात करीब नौ बजे उनकी हालत गंभीर हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, वह तीन दिनों से लगातार तेज बुखार से जूझ रहे थे।
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जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह का कहना था कि मरीज ने जिला अस्पताल से परामर्श लिया था। इसकी जानकारी नहीं थी। इमरजेंसी में मृत अवस्था में ही पहुंचा था। उनके इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। संवाद
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