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Pilibhit News: सरकारी धन गबन समेत 10 आरोपों में ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित
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पीलीभीत। विकासखंड पूरनपुर में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी पंकज आर्या पर विभागीय कार्रवाई की गाज गिरी है। सरकारी धन के गबन, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, जांच में अभिलेख उपलब्ध न कराने और पंचायतों में निर्धारित कार्यों का ठीक से संचालन न कराने समेत 10 गंभीर आरोपों में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी रोहित भारती ने जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद निलंबन आदेश जारी किया है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने 19 जनवरी को जिला समाज कल्याण अधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी को मामले की जांच सौंपी थी। जांच के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी से वेंडर का विवरण और पांच वर्षों में किए गए भुगतान समेत अन्य अभिलेख मांगे गए थे। आरोप है कि सीडीओ और डीपीआरओ की चेतावनी व नोटिस के बावजूद उन्होंने जांच अधिकारी को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए।
निलंबन आदेश में ग्राम पंचायत पिपरा मुजप्ता में शासकीय धनराशि का आहरण कर गबन करने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा आवंटित ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा की खुली एवं नियमित बैठकें नहीं कराने, ग्राम पंचायत अधिकारी पर वर्ष 2012-13 से 2023-24 तक सहकारी समितियों और पंचायत लेखा परीक्षा से संबंधित 30 लंबित मामलों का निस्तारण नहीं कराने का आरोप लगा। उन पर ग्राम पंचायत मुरादपुर माती में ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत प्राप्त 2721 रुपये की क्रेडिट लिमिट का उपयोग नहीं करने और पिपरा मुजप्ता, महादेव माती, महुआ गुन्दे, मनहरिया में नियमित रूप से आरआरसी का संचालन नहीं कराने, महादेव माती, मुरादपुर माती और मनहरिया में पंचायत सहायकों को दो महीने से मानदेय का भुगतान नहीं कराने का आरोप भी लगा।
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डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि लापरवाही मिलने पर संबंधित पंचायत अधिकारी को निलंबित किया गया है। संवाद
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ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने 19 जनवरी को जिला समाज कल्याण अधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी को मामले की जांच सौंपी थी। जांच के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी से वेंडर का विवरण और पांच वर्षों में किए गए भुगतान समेत अन्य अभिलेख मांगे गए थे। आरोप है कि सीडीओ और डीपीआरओ की चेतावनी व नोटिस के बावजूद उन्होंने जांच अधिकारी को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए।
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निलंबन आदेश में ग्राम पंचायत पिपरा मुजप्ता में शासकीय धनराशि का आहरण कर गबन करने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा आवंटित ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा की खुली एवं नियमित बैठकें नहीं कराने, ग्राम पंचायत अधिकारी पर वर्ष 2012-13 से 2023-24 तक सहकारी समितियों और पंचायत लेखा परीक्षा से संबंधित 30 लंबित मामलों का निस्तारण नहीं कराने का आरोप लगा। उन पर ग्राम पंचायत मुरादपुर माती में ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत प्राप्त 2721 रुपये की क्रेडिट लिमिट का उपयोग नहीं करने और पिपरा मुजप्ता, महादेव माती, महुआ गुन्दे, मनहरिया में नियमित रूप से आरआरसी का संचालन नहीं कराने, महादेव माती, मुरादपुर माती और मनहरिया में पंचायत सहायकों को दो महीने से मानदेय का भुगतान नहीं कराने का आरोप भी लगा।
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डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि लापरवाही मिलने पर संबंधित पंचायत अधिकारी को निलंबित किया गया है। संवाद