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रेलवे के अंडरपास में जल भराव से चलते-चलते बंद हो जाते हैं वाहन, आम जनता हो रही परेशान......जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

Wed, 13 Apr 2022 01:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 13 Apr 2022 01:27 AM IST
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Vehicles stop in the middle due to water logging in the underpass, the general public is upset ... responsible silence
अंडर पास में हुआ जलभराव। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। शाहगढ़-मैलानी रेलखंड में शाहगढ़ स्टेशन के करीब शाहगढ़ पश्चिम के नाम से बने अंडर पास में एक से डेढ़ फीट तक जल भराव घंटे भर में हो जाता है। पानी निकालने में जरा सी देर हो जाए तो दो तीन फीट तक पानी भर जाता है ऐसे में गुजर रहे वाहन बीच में ही बंद हो जाते हैं। ऐसे में आम जनता परेशान हो रही है और जिम्मेदार हैं कि मौन साधे हुए हैं।
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जन सहूलियत के लिए शाहगढ़-मैलानी रेल खंड पर रेलवे ने शाहगढ़ के पास तीन ऐसे अंडरपास बनाए जो लोगों के लिए सहूलियत कम मुसीबत अधिक हैं। शाहगढ़ पश्चिमी अंडर पास में जल स्रोतों से पानी निकलता है और एक घंटे में डेढ़ फीट तक पानी भरता है। अगर इस दौरान कोई स्कूटर और कार निकाले तो उसका बंद और वाहन फंसना तय है। लोगों ने जब इस मुद्दे पर रेलवे के अधिकारियों के सामने आवाज उठाई तो अंडर पास का निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था ने उस पर पंप लगवा दिया। पानी खाली करने के लिए मजदूर तैनात किए लेकिन इससे समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं हो सका। रात के वक्त आम तौर पर मजदूर सो जाते हैं। जल स्रोतों से पानी रिसकर अंडरपास में दो-दो फीट तक भर जाता है. रात में गुजरने वाले परेशान होते हैं पर जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं। यह समस्या सिर्फ एक इसी अंडरपास पर नहीं है। शाहगढ़ स्टेशन के करीब कुल तीन अंडरपास हैं जिनमें जल भराव होता है। जनता परेशान होती है। एक लाख से अधिक आबादी प्रभावित है।
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मुख्य संरक्षा आयुक्त को ज्ञापन दिया पर नहीं हुआ समाधान
शाहगढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के लिए गोरखपुर से मुख्य संरक्षा आयुक्त आए थे। अंडरपास में पानी भरा होने से परेशान हो रहे लोगों ने उन्हें ज्ञापन दिया था। लोगों ने सवाल उठाया था कि ऐसे अंडरपास का क्या फायदा जिससे आने जाने में सहूलियत न मिले। लोगों को जल भराव होने पर पटरी पार करके निकलना पड़ता है। इस पर उन्हें जवाब मिला था कि करोड़ों रुपये खर्च करके बनाए गए अंडर पास गिराए तो नहीं जा सकते हैं लेकिन समस्या का समाधान अवश्य हो सकता है। तब से ही लोग समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
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यह हैं वे अंडरपास जिनमें भरता है पानी
1- शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास में बनाया गया। इसे पश्चिमी अंडरपास कहते हैं। इसे छह महीने पहले जनता के लिए खोल दिया गया। इसमें एक से डेढ़ फीट तक पानी आए दिन भर जाता है।
2- शाहगढ़ रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर दूर शाहगढ़ मैलानी रेलखंड में हरदोई ब्रांच नहर की पूर्वी पटरी पर भी अंडरपास बनाया गया। इसका पानी कभी नहीं सूखता है। लोग पानी से होकर ही निकलते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि कब तक दिक्कत रहेगी?
3- शाहगढ़ रेलवे स्टेशन से 1.5 किलोमीटर दूर शाहगढ़ मैलानी रेलखंड में शाहगढ़ कलीनगर मार्ग पर अंडरपास बना है। इसमें भी पानी भरा रहता है। लोग जल भराव के बीच से निकलते हैं।
पीड़ित लोगों के बयान
लाखों रुपये खर्च करके रेलवे ने अंडर पास बनवाए हैं। अगर कोई कमी नहीं होती तो जलभराव क्यों होता। जिम्मेदारों से इसका जवाब मांगा जाए। - सोनू, निवासी कुवंरपुर
मैं एक बार बच्चों को लेकर निकला तो कार बंद हो गई। अब कई घंटे में कार दोबारा स्टार्ट हो सकी। अब मैं बाइक लेकर ही निकलता हूं। मेरा सवाल यही है कि अधिकारी ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं। -रंजीत सिंह, चकपुरी
- अंडरपास से आवागमन करते समय अक्सर बाइक पानी में बंद हो जाती है। इससे कपड़े खराब हो जाते हैं। - मनजीत सिंह कटपूरा
आवागमन की समस्या पिछले कई महीनों से बनी हुई है। क्षेत्र के लोगों ने समस्या की जानकारी रेलवे के अफसरों को भी दी। मगर समाधान नहीं हुआ। - हरमनप्रीत सिंह करनापुर
इन गांवों के लोग होते हैं परेशान
कटपुरा, भोपतपुर, मानपुर, चतुरभोजपुर, शाहगढ़, बग्ला, करनापुर, गुरदा, अभयपुर, बिजलहा, कुंवरपुर, संडई, गुलड़िया, अमरतादलीतपुर, अटकौना, भैरोंकला, भैरों खुर्द, बलकरनपुर, इमिलिया, ढकिया केसरपुर, मथना, कलीनगर, चांदूपुर, सोनूपुरा, पुरैना, बिहारीपुर, लोकई फार्म आदि 25 से अधिक गांवों के लोग प्रभावित हैं।

विशेषज्ञ की बात
यह तराई का इलाका है। जलस्तर ऊपर है। अंडर पास बनाने से पहले वहां का जलस्तर देखना चाहिए था। इसके बाद केमिकल ट्रीटमेंट कराते हुए कंकरीट बिछाई जानी चाहिए थी। अगर निर्माण करने से पहले कार्यदायी संस्था ने इतना ध्यान दिया होता तो फिर जलभराव की समस्या नहीं आती। - दीपक शुक्ला, डिप्लोमा इंजीनियर
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