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दलित और वाल्मीकि विरोधी है सपा सरकार
पीलीभीत।
Updated Sun, 24 May 2015 10:13 PM IST
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राष्टीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तराखंड के पूर्व राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकबाना ने कहा कि सपा सरकार में दलित और वाल्मीकि समाज का उत्पीड़न हो रहा है। सिर पर मैला ढोने की प्रथा को खत्म कराकर केवल मोदी सरकार ने ही सम्मान दिया है।
राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा एवं वाल्मीकि सेना के तत्वावधान में गांधी प्रेक्षागृह में वाल्मीकि चेतना सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री भगवत प्रसाद मकबाना ने किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार बनते ही सिर पर मैला ढोने की प्रथा को समाप्त कर दिया गया है। इससे जुड़े स्वच्छकारों को चिन्हित कर सरकार रोजगार के लिए 40 हजार रुपये अनुदान के रूप में दे रही है।
अनुदान की धनराशि भी सीधे खातों में पहुंच रही है। उन्होंने जिले के स्वच्छकारों को चिन्हित कर उनकी सूची बनाने और अधिकारियों के माध्यम से इसे शासन को भेजने का आह्वान किया ताकि सभी स्वच्छकारों को योजना का लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने कहा आगे बढ़ने के लिए आज राजनैतिक रूप से मजबूत होना जरूरी है इसलिए हमें अपनी बैर भाव भूलकर एकजुट रहना चाहिए।
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इससे पूर्व उनके यहां पहुंचने पर अटल वाल्मीकि, रामचंद्र वाल्मीकि आदि ने फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में विजय, अंकुश, सुनील, राजपाल, शंकरलाल, प्रेमवती, मुकेश, मदन, प्रदीप चौहान, राजू, राजेश कुमार, जितेंद्र, मुरारी, अनिल, श्याम मकबाना, रामस्वरूप मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा एवं वाल्मीकि सेना के तत्वावधान में गांधी प्रेक्षागृह में वाल्मीकि चेतना सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री भगवत प्रसाद मकबाना ने किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार बनते ही सिर पर मैला ढोने की प्रथा को समाप्त कर दिया गया है। इससे जुड़े स्वच्छकारों को चिन्हित कर सरकार रोजगार के लिए 40 हजार रुपये अनुदान के रूप में दे रही है।
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अनुदान की धनराशि भी सीधे खातों में पहुंच रही है। उन्होंने जिले के स्वच्छकारों को चिन्हित कर उनकी सूची बनाने और अधिकारियों के माध्यम से इसे शासन को भेजने का आह्वान किया ताकि सभी स्वच्छकारों को योजना का लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने कहा आगे बढ़ने के लिए आज राजनैतिक रूप से मजबूत होना जरूरी है इसलिए हमें अपनी बैर भाव भूलकर एकजुट रहना चाहिए।
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इससे पूर्व उनके यहां पहुंचने पर अटल वाल्मीकि, रामचंद्र वाल्मीकि आदि ने फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में विजय, अंकुश, सुनील, राजपाल, शंकरलाल, प्रेमवती, मुकेश, मदन, प्रदीप चौहान, राजू, राजेश कुमार, जितेंद्र, मुरारी, अनिल, श्याम मकबाना, रामस्वरूप मौजूद रहे।