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कुल के साथ उर्से हशमती, उर्से मुशाहिदी संपन्न
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Wed, 17 Dec 2014 11:55 PM IST
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शहजादे गौसे आजम गयासुद्दीन तिरमीजी कापली साहब ने शेखेशाए अहले सुन्नत मौलाना मुहम्मद हशमत अली खां साहब की जिंदगी पर रोशनी डाली। हुसैनी मियां अशर्फी ने जोरदार तकरीर की। मौलाना नासिर साहब नागपुर ने मौजूदा हालात पर विस्तार से रोशनी डाली।
शहजादे गरीब नवाज़ सुल्तान मियां चिश्ती, फरीद मियां चिश्ती, तकरीर करने वालों में काजी-ए-शहर मौलाना मशीहुद्दीन साहब, मौलाना मुस्तफा साहब, मुफ्ती जमील साहब आदि ने शिरकत की। गद्दी नशीन आस्तान-ए-आलिया हशमतिया व मुशाहिदिया मौलाना जरताब रज़ा खां, हशमती साहब ने पेशावर की घटना की निंदा की और कहा कि इस्लाम में आतंक की कोई जगह नहीं है। आतंकी मुसलमान नहीं हो सकता। इस्लाम ऐसी किसी भी घटना की इज़ाजत नहीं देता। अंत में सभी ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए खुदा से दुआ मांगी।
इस मौके पर गुलाम मोईन हशमती, सैय्यद इज्जत अली, कारी ताहिर, अकील रजा समेत गुलामाने गौस तंजीम के लोगों ने शिरकत की। इससे पहले सोमवार शाम रजा हॉल में आल इंडिया नातिया मुशायरा हुआ। जिसमें अजहर फारुखी बरेलवी, अब्दुल रहमान चिश्ती, जमजम शाही, सरफुद्दीन जौनपुरी, अख्तर कासिफ, नादिर जमाली, कौसर जमाली, खालिद तनवीर ने कलाम पेश किए।
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शहजादे गरीब नवाज़ सुल्तान मियां चिश्ती, फरीद मियां चिश्ती, तकरीर करने वालों में काजी-ए-शहर मौलाना मशीहुद्दीन साहब, मौलाना मुस्तफा साहब, मुफ्ती जमील साहब आदि ने शिरकत की। गद्दी नशीन आस्तान-ए-आलिया हशमतिया व मुशाहिदिया मौलाना जरताब रज़ा खां, हशमती साहब ने पेशावर की घटना की निंदा की और कहा कि इस्लाम में आतंक की कोई जगह नहीं है। आतंकी मुसलमान नहीं हो सकता। इस्लाम ऐसी किसी भी घटना की इज़ाजत नहीं देता। अंत में सभी ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए खुदा से दुआ मांगी।
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इस मौके पर गुलाम मोईन हशमती, सैय्यद इज्जत अली, कारी ताहिर, अकील रजा समेत गुलामाने गौस तंजीम के लोगों ने शिरकत की। इससे पहले सोमवार शाम रजा हॉल में आल इंडिया नातिया मुशायरा हुआ। जिसमें अजहर फारुखी बरेलवी, अब्दुल रहमान चिश्ती, जमजम शाही, सरफुद्दीन जौनपुरी, अख्तर कासिफ, नादिर जमाली, कौसर जमाली, खालिद तनवीर ने कलाम पेश किए।
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