{"_id":"628a8a6672020b61366d2d5c","slug":"uproar-in-sugarcane-committee-meeting-pilibhit-news-bly4857786167","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना समिति की बैठक में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना समिति की बैठक में हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीसलपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति की रविवार को हुई वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में डेढ़ करोड़ के शुद्ध लाभ का बजट पास किया गया। बैठक में बकाया गन्ना मूल्य कई मुद्दों को लेकर हंगामा भी हुआ।
समिति परिसर में हुई बैठक में सर्व प्रथम पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि हुई। उसके बाद समिति हितों से संबंधित डेढ़ दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए। बैठक में नए सत्र के लिए आठ करोड़, अठारह लाख ग्यारह हजार की अनुमानित आय और छह करोड़, 74 लाख, 27 हजार के अनुमानित व्यय का बजट पास किया गया।
बैठक में किसानों का पांच अरब गन्ना मूल्य भुगतान न मिलने, बीसलपुर, बरखेड़ा के एससडीआई, डीसीओ के न आने, किसानों को लाभांश न बांटने, गन्ना गोदाम के नियमित रूप से न खुलने, बेनीपुर गन्ना केंद्र को कथित रूप से माफियाओं के हावी होने, बैठकों में पास होने वाले सभी प्रस्तावों का क्रियान्वयन न होने, ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध न कराने आदि मुद्दों को लेकर हंगामा हुआ।
विज्ञापन
कई बार बैठक बाधित हुई। सचिव ने हंगामा करने वालों को शांत कर बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू कराई। अध्यक्षता सुरेंद्रपाल यादव ने की। संचालन समिति सचिव आरपी कुशवाहा ने किया। बैठक में भगवान सिंह गंगवार, राजेश गंगवार, राजेश वर्मा, अजीत सिंह, कामता प्रसाद वर्मा, महीपाल गंगवार, अवधनाथ, अशोक कुमार, भानु यादव और रामबाबू आदि सदस्यों ने विचार रखे।
बैठक में ये प्रस्ताव हुए पास - चीनी मिलों पर बकाया दिलाया जाएगा। गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली नहीं होने दी जाएगी। पांच वर्षों तक लगातार गन्ने की आपूर्ति न करने वाले किसानों की सदस्यता खत्म होगी। समिति से जुड़े किसानों को अंश प्रमाण पत्र बांटे जाएंगे। गन्ने की खेती छोड़ने वाले किसानों को गन्ने की पुन:खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
किसान सहकारी चीनी मिल के बेनीपुर गन्ना केंद्र को डालमियां शुगर मिल निगोही से जोड़ने की पैरवी होगी। गन्ने की खेती में नैनो यूरिया का प्रयोग अधिक से अधिक कराएंगे। समिति के बैंक खाते में पड़ी अनपेड लाखों रुपये की धनराशि का निस्तारण कराया जाएगा। समिति परिसर में पेट्रोल पंप खुलवाने, समिति के अंश धारकों को लाभांश बांटे जाने, गन्ने की खेती में लगने वाली बीमारी का उपचार कराया जाएगा।
विज्ञापन
समिति परिसर में हुई बैठक में सर्व प्रथम पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि हुई। उसके बाद समिति हितों से संबंधित डेढ़ दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए। बैठक में नए सत्र के लिए आठ करोड़, अठारह लाख ग्यारह हजार की अनुमानित आय और छह करोड़, 74 लाख, 27 हजार के अनुमानित व्यय का बजट पास किया गया।
विज्ञापन
बैठक में किसानों का पांच अरब गन्ना मूल्य भुगतान न मिलने, बीसलपुर, बरखेड़ा के एससडीआई, डीसीओ के न आने, किसानों को लाभांश न बांटने, गन्ना गोदाम के नियमित रूप से न खुलने, बेनीपुर गन्ना केंद्र को कथित रूप से माफियाओं के हावी होने, बैठकों में पास होने वाले सभी प्रस्तावों का क्रियान्वयन न होने, ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध न कराने आदि मुद्दों को लेकर हंगामा हुआ।
विज्ञापन
कई बार बैठक बाधित हुई। सचिव ने हंगामा करने वालों को शांत कर बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू कराई। अध्यक्षता सुरेंद्रपाल यादव ने की। संचालन समिति सचिव आरपी कुशवाहा ने किया। बैठक में भगवान सिंह गंगवार, राजेश गंगवार, राजेश वर्मा, अजीत सिंह, कामता प्रसाद वर्मा, महीपाल गंगवार, अवधनाथ, अशोक कुमार, भानु यादव और रामबाबू आदि सदस्यों ने विचार रखे।
बैठक में ये प्रस्ताव हुए पास - चीनी मिलों पर बकाया दिलाया जाएगा। गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली नहीं होने दी जाएगी। पांच वर्षों तक लगातार गन्ने की आपूर्ति न करने वाले किसानों की सदस्यता खत्म होगी। समिति से जुड़े किसानों को अंश प्रमाण पत्र बांटे जाएंगे। गन्ने की खेती छोड़ने वाले किसानों को गन्ने की पुन:खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
किसान सहकारी चीनी मिल के बेनीपुर गन्ना केंद्र को डालमियां शुगर मिल निगोही से जोड़ने की पैरवी होगी। गन्ने की खेती में नैनो यूरिया का प्रयोग अधिक से अधिक कराएंगे। समिति के बैंक खाते में पड़ी अनपेड लाखों रुपये की धनराशि का निस्तारण कराया जाएगा। समिति परिसर में पेट्रोल पंप खुलवाने, समिति के अंश धारकों को लाभांश बांटे जाने, गन्ने की खेती में लगने वाली बीमारी का उपचार कराया जाएगा।