UP Nikay Chunav: पीलीभीत में कहीं त्रिकोणीय मुकाबला तो कहीं बागी बन रहे चुनौती, कई सीटों पर कांटे की टक्कर
निकाय चुनाव में प्रत्याशियों ने खूब दम लगाया। अब फैसला मतदाताओं के हाथ है। जिले की तीनों नगर पालिका सीटों पर कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
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पीलीभीत जिले में इस बार निकाय चुनाव में समीकरण स्पष्ट नहीं हैं। जिले में तीन नगर पालिका हैं। तीनों जगह बागी प्रत्याशी बड़े दलों का खेल बिगाड़ सकते हैं। हालांकि भाजपा और सपा ने जीत के लिए हर दांव खेला है। बड़े नेताओं ने भी आकर माहौल बनाया, लेकिन अब मतदाता तय करेंगे कि जीत किसकी होगी। चुनाव नतीजे 13 मई को आएंगे।
पीलीभीत नगर पालिका सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प है। भाजपा प्रत्याशी आस्था की राह तभी साफ होगी जब वो बागी प्रत्याशी प्रियंका कौशिक से पार पा सकेंगी। प्रियंका कौशिक के पति अवनेश ने बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा खड़ा कर भाजपा की राह में कांटे बिछा दिए। सपा प्रत्याशी नसरीन अंसारी मुस्लिम मतदाताओं को अपना मान रही हैं। अब देखना यह है कि मुस्लिम वोटबैंक उनके पक्ष में कितना जाता है।
सपा की ही बागी प्रत्याशी आकांक्षा अग्रवाल उनके वोट काट सकती हैं। वहीं निर्वतमान चेयरमैन विमला जायसवाल ने शांत तरीके से मतदाताओं तक पहुंचने के पुराने अंदाज में प्रचार किया। पिछले 15 वर्षों से इसी परिवार के पास चेयरमैन की कुर्सी है। इस बार जनता इन्हें पसंद करती है या नहीं यह भी देखना होगा। बसपा प्रत्याशी उर्मिला गौतम भी अपनी जीत का दावा कर रही हैं।
पूरनपुर में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
पूरनपुर नगर पालिका सीट पर भी कांटे की टक्कर है। यहां भाजपा के शैलेंद्र गुप्ता, सपा के हुसैन लाडले, निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप जायसवाल उर्फ लल्लन व सपा के बागी मुन्ने मियां अंजाना कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। मतदान से एक दिन पहले मुन्ने मियां जिस तरह से रोये और सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट वायरल हुई उससे समीकरण बिगड़ सकते हैं। यहां लड़ाई त्रिकोणीय नजर आ रही है।
बीसलपुर में पूर्व व वर्तमान मंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर
नगर पालिका बीसलपुर का चुनाव सबसे ज्यादा दिलचस्प है। यहां भाजपा की शशि जायसवाल को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की जनसभा कराई। गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार ने पूरी ताकत लगा दी है।
मीतू जायसवाल के पक्ष में पूर्व मंत्री रामसरण वर्मा खड़े हो गए। रामसरण वर्मा भाजपा विधायक विवेक वर्मा के पिता हैं। भाजपा में इसकी खासी चर्चा रही। सपा से शबनम बेगम व पूर्व चेयरमैन नूर अहमद की पत्नी रिहाना बेगम निर्दलीय लड़ रही हैं। यहां मुस्लिम मतदाता किसी भी प्रत्याशी की जीत हार में अहम भूमिका निभा सकता है।
नगर पंचायतों में भी कड़ा मुकाबला
गुलड़िया भिंडारा नगर पंचायत भाजपा की प्रतिष्ठा की सीट बन गई है। यहां खुद भाजपा जिलाध्यक्ष के भाई निशांत प्रताप सिंह भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा से बागी हुए निर्दलीय प्रत्याशी अजय गोयल, चरणजीत सिंह व सपा की साफिया खानम से टक्कर है।
नौगवा पकड़िया में अध्यक्ष पद की लड़ाई में सपा से वर्तिका सक्सेना व भाजपा संदीप कौर, निर्दलीय पूर्व प्रधान अशरफ अली की पत्नी के बीच कांटे की टक्कर है। कलीनगर नगर पंचायत में भाजपा की बेलामती व कांग्रेस की मायादेवी के बीच टक्कर है। हालांकि यहां निर्दलीय शांति देवी व संगीता आर्या भी समीकरण बिगाड़ सकती हैं। यहां मुस्लिम मतदाता जीत हार में अहम भूमिका निभाएंगे।
जहानाबाद में त्रिकोणीय लड़ाई
जहानाबाद नगर पंचायत में त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। यहां सपा के एजाज अहमद, भाजपा से यामीन खां व निर्दलीय प्रत्याशी व निर्वतमान चेयरमैन के बीच मुकाबले के आसार हैं। बिलसंडा में भाजपा के नरेंद्र मोहन सक्सेना, निर्दलीय अटल सिंह जायसवाल व निर्दलीय रमेश गुप्ता के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। निर्दलीय डीके गुप्ता तीनों प्रत्याशियों का गणित बिगाड़ सकते हैं।
न्यूरिया में कांग्रेस, सपा व बसपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। कांग्रेस से निर्वतमान चेयरमेन माजिदा बेगम, सपा से साजिया बेगम और बसपा से रिहाना बेगम मैदान में हैं। बरखेड़ा नगर पंचायत में भाजपा के अशोक कुमार गुप्ता की भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी श्यामबिहारी भोजवाल व सपा प्रत्याशी जमील अहमद के बीच टक्कर मानी जा रही है। सपा के बागी मोहम्मद रजा अंसारी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।