{"_id":"5f7777a08ebc3e9bdb0e3010","slug":"unlock-5-guideline-pilibhit-news-bly421951015","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल कॉलेज खोलने को प्रबंधन तैयार.. अभिभावक बोले- अभी नहीं उठा सकते जोखिम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल कॉलेज खोलने को प्रबंधन तैयार.. अभिभावक बोले- अभी नहीं उठा सकते जोखिम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। देश में अनलॉक-5 की शुरुआत के साथ सरकार ने 15 अक्तूबर से सशर्त स्कूल-कॉलेज खोलने की अनुमति दे दी है, इस फैसले से शिक्षण संस्थानों के संचालक उत्साहित हैं और वह कोविड नियम का पालन करते हुए स्कूल खोलने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अभिभावक अभी कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। उनका कहना है कि अभी खतरा टला नहीं है इसलिए बेहतर है कि अभी ऑनलाइन पढ़ाई ही कराई जाए।
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल-कॉलेज 20 मार्च के बाद से बंद हैं। हालांकि कुछ स्कूल ऑनलाइन शिक्षण कार्य चला रहे हैं, मगर वह महज खानापूरी ही है। बच्चे ऑनलाइन पूरी तरह से सीख नहीं पाते। किसी के पास मोबाइल नहीं होने की समस्या है तो किसी के घर से नेटवर्क नहीं मिलता। अगर सब कुछ ठीक है तो भी बच्चे उस तरह से नहीं पढ़ पाते, जिस तरह से स्कूल में सीखते हैं। इधर केंद्र सरकार ने 30 सितंबर को अनलॉक-5 की गाइड लाइन जारी कर दी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने भी 15 अक्तूबर से सभी स्कूल-कॉलेजों को खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि सरकार ने यह तय किया है कि स्कूल खोलने से पहले प्रबंधन को जिला प्रशासन और अभिभावकों से लिखित अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही तय किया जाएगा कि स्कूल खोले जाएंगे या नहीं। वहीं स्कूल प्रबंधक अभिभावक की लिखित सहमति से ही बच्चों को स्कूल बुला सकेंगे। स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य जारी रखने और कॉविड-19 प्रोटोकाल को पूरी तरह से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की गाइड गाइन में यह भी कहा गया है कि जो स्कूल ऑनलाइन कक्षा चला रहे हैं। उनके छात्र विद्यालय में उपस्थित होने के बजाय ऑललाइन ही पढ़ना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी।
बच्चों को कुछ हुआ तो कौन लेगा जिम्मेदारी
अभिभावकों का कहना कि स्कूल उन्हें यह भरोसा तो दे रहे हैं कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर हर कदम उठाया जाएगा, लेकिन वह यह नहीं बता रहे कि अगर किसी बच्चे को कोरोना संक्रमण हो गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। अभिभावक मानते हैं कि स्कूलों में छात्रों को भेजने का यह उचित समय नहीं है। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है।
विज्ञापन
बोले अभिभावक:
कोरोना के नए मामले रोजाना बढ़ रहे हैं। इस लिहाज से बच्चों को स्कूल भेजना ठीक नहीं है। अगर कोई बच्चा कोरोना की चपेट में आ गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। - कृति अग्रवाल, अभिभावक
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। वह न तो मास्क लगाते हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन करते हैं। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता, बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। - शुभि अग्रवाल, अभिभावक
मेरा बेटा बोर्ड एग्जाम देगा। स्कूल बंद हैं। वह ऑनलाइन पढ़ाई कर रहा है। सरकार ने जो स्कूल कॉलेज खोलने का फैसला किया गया, मेरे हिसाब से वह उचित नहीं है। - शलिनी शुक्ला, अभिभावक
कोरोना काल में स्कूल-कॉलेज खोलने का फैसला उचित नहीं है। बच्चे कोविड-19 के नियमों को गंभीरता से नहीं ले सकते। स्कूल खुलने से समस्या और बढ़ सकती है। - अलका शुक्ला, अभिभावक
क्या कहते हैं स्कूल संचालक:
अभिभावक इच्छुक होंगे, तभी खोलेंगे स्कूल
विद्यालय खोलना हमारी प्राथमिकता है, जोकि जिला प्रशासन के आदेश पर ही संभव है। अभिभावकों से इस संबंध में विचार विमर्श किया जाएगा। कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार स्कूल खोलने की तैयारी पूरी है। यदि प्रशासन एसपीओ जारी करेगा और अभिभावक इच्छुक होंगे तो ही स्कूल सुचारु रूप से खोलने पर विचार होगा। - डॉ. संजीव अग्रवाल, निजी स्कूल प्रबंधक
विद्यार्थियों के हित में स्कूल खोलने का फैसला उचित है। खासतौर से उनके लिए जो बोर्ड परीक्षा देंगे। कोविड-19 गाइड लाइन के अनुसार विद्यालय पूरी तरह से तैयार है। हमारा मकसद है कि बच्चे, स्टाफ और स्कूलों में आने वाले अभिभावक सुरक्षित रहें। प्रशासन और अभिभावक यदि तैयार हैं तो ही स्कूल खोला जाएगा। - देवेंद्र सिंह छाबड़ा, निजी स्कूल प्रबंधक
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल-कॉलेज 20 मार्च के बाद से बंद हैं। हालांकि कुछ स्कूल ऑनलाइन शिक्षण कार्य चला रहे हैं, मगर वह महज खानापूरी ही है। बच्चे ऑनलाइन पूरी तरह से सीख नहीं पाते। किसी के पास मोबाइल नहीं होने की समस्या है तो किसी के घर से नेटवर्क नहीं मिलता। अगर सब कुछ ठीक है तो भी बच्चे उस तरह से नहीं पढ़ पाते, जिस तरह से स्कूल में सीखते हैं। इधर केंद्र सरकार ने 30 सितंबर को अनलॉक-5 की गाइड लाइन जारी कर दी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने भी 15 अक्तूबर से सभी स्कूल-कॉलेजों को खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि सरकार ने यह तय किया है कि स्कूल खोलने से पहले प्रबंधन को जिला प्रशासन और अभिभावकों से लिखित अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही तय किया जाएगा कि स्कूल खोले जाएंगे या नहीं। वहीं स्कूल प्रबंधक अभिभावक की लिखित सहमति से ही बच्चों को स्कूल बुला सकेंगे। स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य जारी रखने और कॉविड-19 प्रोटोकाल को पूरी तरह से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की गाइड गाइन में यह भी कहा गया है कि जो स्कूल ऑनलाइन कक्षा चला रहे हैं। उनके छात्र विद्यालय में उपस्थित होने के बजाय ऑललाइन ही पढ़ना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी।
विज्ञापन
बच्चों को कुछ हुआ तो कौन लेगा जिम्मेदारी
अभिभावकों का कहना कि स्कूल उन्हें यह भरोसा तो दे रहे हैं कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर हर कदम उठाया जाएगा, लेकिन वह यह नहीं बता रहे कि अगर किसी बच्चे को कोरोना संक्रमण हो गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। अभिभावक मानते हैं कि स्कूलों में छात्रों को भेजने का यह उचित समय नहीं है। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है।
विज्ञापन
बोले अभिभावक:
कोरोना के नए मामले रोजाना बढ़ रहे हैं। इस लिहाज से बच्चों को स्कूल भेजना ठीक नहीं है। अगर कोई बच्चा कोरोना की चपेट में आ गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। - कृति अग्रवाल, अभिभावक
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। वह न तो मास्क लगाते हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन करते हैं। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता, बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। - शुभि अग्रवाल, अभिभावक
मेरा बेटा बोर्ड एग्जाम देगा। स्कूल बंद हैं। वह ऑनलाइन पढ़ाई कर रहा है। सरकार ने जो स्कूल कॉलेज खोलने का फैसला किया गया, मेरे हिसाब से वह उचित नहीं है। - शलिनी शुक्ला, अभिभावक
कोरोना काल में स्कूल-कॉलेज खोलने का फैसला उचित नहीं है। बच्चे कोविड-19 के नियमों को गंभीरता से नहीं ले सकते। स्कूल खुलने से समस्या और बढ़ सकती है। - अलका शुक्ला, अभिभावक
क्या कहते हैं स्कूल संचालक:
अभिभावक इच्छुक होंगे, तभी खोलेंगे स्कूल
विद्यालय खोलना हमारी प्राथमिकता है, जोकि जिला प्रशासन के आदेश पर ही संभव है। अभिभावकों से इस संबंध में विचार विमर्श किया जाएगा। कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार स्कूल खोलने की तैयारी पूरी है। यदि प्रशासन एसपीओ जारी करेगा और अभिभावक इच्छुक होंगे तो ही स्कूल सुचारु रूप से खोलने पर विचार होगा। - डॉ. संजीव अग्रवाल, निजी स्कूल प्रबंधक
विद्यार्थियों के हित में स्कूल खोलने का फैसला उचित है। खासतौर से उनके लिए जो बोर्ड परीक्षा देंगे। कोविड-19 गाइड लाइन के अनुसार विद्यालय पूरी तरह से तैयार है। हमारा मकसद है कि बच्चे, स्टाफ और स्कूलों में आने वाले अभिभावक सुरक्षित रहें। प्रशासन और अभिभावक यदि तैयार हैं तो ही स्कूल खोला जाएगा। - देवेंद्र सिंह छाबड़ा, निजी स्कूल प्रबंधक