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आठ दिन शेष..अब टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खुलना मुश्किल

Sun, 07 Jun 2020 09:47 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2020 09:47 PM IST
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unlock 1.0 effect on Tiger reserve
पीलीभीत। अनलॉक 1.0 के दूसरे चरण में लखनऊ के बंद पड़े चिड़ियाघर को खोलने की इजाजत तो दे दी गई, मगर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के खुलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। टाइगर रिजर्व 25 मार्च से बंद पड़ा है। पर्यटन सत्र 15 जून को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अब अधिकारी भी टाइगर रिजर्व खुलने की कम उम्मीद ही जता रहे हैं। पर्यटन सत्र पर रोक के चलते ढाई महीने पहले ही बंद होने से टाइगर रिजर्व और वन निगम को 30 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
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टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बना इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच देश ही नहीं बल्कि विदेशी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र भी है। हर साल यहां देश-विदेश से पर्यटक आकर आनंद लेते हैं। टाइगर रिजर्व में हर साल 15 नवंबर से 15 जून तक पर्यटन सत्र चलता है। इसके बाद बंद कर दिया जाता है। इस बार का छठा पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होकर कोरोना संक्रमण की वजह से 25 मार्च तक ही चला। गत वर्ष की तरह इस बार भी पिकनिक स्पॉट चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम को दी गई थी। टाइगर रिजर्व में चूका बीच की वॉटर हट, थारू हट, अरण्य कुटी, बैंबों हट और ट्री हट सैलानियों के खूब लुभाती है। यही वजह थी कि पिछले पांच साल से वन महकमे की आमदनी पर्यटन से कई गुना बढ़ती जा रही थी। हालांकि सीधे तौर पर टाइगर रिजर्व को इसका फायदा नहीं मिल रहा था, मगर टाइगर रिजर्व से जुड़े 50 गाइड 25 चालक और वन समिति के 30 लोगों को रोजगार जरूर मिला था। मगर, जब देश में कोरोना वायरस ने दस्तक दी तो 15 जून तक चलने वाले छठे पर्यटन सत्र पर 25 मार्च से पाबंदी लगा दी गई, जो अब तक जारी है। सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 15 नवंबर से 15 जून तक ही चलना है। इसलिए छठा पर्यटन सत्र समाप्त होने में मात्र आठ दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में अब पाबंदी हटने की संभावनाएं कम ही हैं। अगर हटती भी है तो बमुश्किल चार या छह दिन तक की टाइगर रिजर्व खुल पाएगा। निर्धारित समय से ढाई माह पहले पर्यटन सत्र पर रोक लगने के चलते वन विभाग को 30 लाख रुपये से अधिक नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए टाइगर रिजर्व के अफसर भी अब टाइगर रिजर्व खुलने के कोई संकेत नहीं दे रहे हैं।
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मात्र 17.29 लाख की ही हुई कमाई
टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक 15 नवंबर से 25 मार्च तक 7135 देशी और 13 विदेशी सैलानी शामिल थे। इस दौरान 17,29,976 रुपये की आमदनी हुई। जबकि पिछले पर्यटन सत्र में 15,885 देश और 23 विदेश के सैलानी जंगल भ्रमण को आए थे। छह माह तक चले पिछले पर्यटन सत्र में 36,72,935 रुपये की आय हुई थी।
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पिछले पर्यटन सत्रों में इतनी हुई आय
वर्ष/आमदनी
2011-12/ 4,04,009
2012-13/ 3,80,800
2013-14/ 5,86,400
2014-15/ 17,69,850
2015-16/ 29,66,376
2016-17/ 37,50,460
2017-18/ 32,06,938
2018-19/ 36,72,935
2019-20/ 17,29976 (25 मार्च तक)
कोविड-19 संक्रमण के चलते टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए 25 मार्च को बंद किया गया था। पर्यटन सत्र शुरू करने संबंधी कोई आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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