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Pilibhit News: हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
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पीलीभीत। हत्या के दो आरोपियों को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट महेशानंद झा ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की 75 फीसदी धनराशि वादिनी को देने का आदेश दिया है।
थाना सेहरामऊ उत्तरी के ग्राम बहादुरपुर की वादिनी सुमन देवी ने थाना सेहरामऊ उत्तरी में तहरीर देकर कहा कि उसके पति की एक-दो दिन पहले गांव के ही राम गोपाल और राम दयाल उर्फ दिल्ला से कहासुनी हो गई थी, जिसके बारे में पति ने मुझे बताया था। 28 फरवरी 2021 को 10 बजे पति घर पर ही थे तभी दोनों लोग पति रामनिवास को किसी काम के बहाने अपने साथ बुलाकर ले गए थे। जब शाम तक घर नहीं लौटे तो पुत्र अविनाश के साथ राम गोपाल व रामदयाल उर्फ दिल्ला के घर पूछने गई।
लड़के ने पूछा तो उन लोगों ने कहा कि वह जंगल में पड़े हैं, चलो हम बताते हैं। उनके साथ मैं और बेटा गए। थोड़ी दूर राम औतार के खेत के पास पहुंचे तो देखा कि सड़क किनारे मेरा पति मृत अवस्था में पड़े हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर वाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में कई गवाह पेश किए गए। वहीं दूसरी ओर आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद रामगोपाल व रामदयाल उर्फ दिल्ला को दोषी पाते हुए दंडित किया।
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थाना सेहरामऊ उत्तरी के ग्राम बहादुरपुर की वादिनी सुमन देवी ने थाना सेहरामऊ उत्तरी में तहरीर देकर कहा कि उसके पति की एक-दो दिन पहले गांव के ही राम गोपाल और राम दयाल उर्फ दिल्ला से कहासुनी हो गई थी, जिसके बारे में पति ने मुझे बताया था। 28 फरवरी 2021 को 10 बजे पति घर पर ही थे तभी दोनों लोग पति रामनिवास को किसी काम के बहाने अपने साथ बुलाकर ले गए थे। जब शाम तक घर नहीं लौटे तो पुत्र अविनाश के साथ राम गोपाल व रामदयाल उर्फ दिल्ला के घर पूछने गई।
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लड़के ने पूछा तो उन लोगों ने कहा कि वह जंगल में पड़े हैं, चलो हम बताते हैं। उनके साथ मैं और बेटा गए। थोड़ी दूर राम औतार के खेत के पास पहुंचे तो देखा कि सड़क किनारे मेरा पति मृत अवस्था में पड़े हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर वाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में कई गवाह पेश किए गए। वहीं दूसरी ओर आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद रामगोपाल व रामदयाल उर्फ दिल्ला को दोषी पाते हुए दंडित किया।
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