{"_id":"28f2af576cfbf3cb072c649f4c1663c4","slug":"two-deaths-from-fever-and-pain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार व दर्द से दो बच्चों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार व दर्द से दो बच्चों की मौत
हजारा/पीलीभीत।
Updated Sun, 22 Mar 2015 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुखार और दर्द से परेशान
विज्ञापन
मुरैनियां गांधीनगर निवासी दया शंकर के सात वर्षीय पुत्र दलीप कुमार व
राणाप्रतापनगर गांव निवासी गोपाल की 10 वर्षीय पुत्री रेनू की रविवार को
मौत हो गई।
गांव मुरैनियां गांधीनगर निवासी दयाशंकर ने बताया कि शनिवार को उनके पुत्र दलीप कुमार को अचानक बुखार आ गया और उसके पेट में दर्द होने लगा। उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर के मौजूद न होने के कारण उसे पलियाकलां ले गए और उसकी दवा लेकर आए। रविवार को पुत्र की मौत हो गई।
राणाप्रतापनगर गांव के गोपाल की 10 वर्षीय पुत्री रेनू कक्षा पांच की छात्रा थी। उसकी भी शनिवार को बुखार व पेट दर्द से हालत बिगड़ने के बाद रविवार को मौत हो गई। एक दिन में अचानक हुई दो मौतों से लोगों में हड़कंप मच गया है। पूरनुपर सीएचसी के एमओआईसी डॉ. मो. असलम ने बताया कि दोनों बच्चों की मौत होने की जानकारी उन्हें नहीं है। भरतपुर के डाक्टर मनोज से संपर्क किया गया, लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि 23 मार्च को गांव में कैंप लगाकर दवा का वितरण कराया जाएगा। दोनों बब्चों की मौत किस बीमारी से हुई इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
गांव मुरैनियां गांधीनगर निवासी दयाशंकर ने बताया कि शनिवार को उनके पुत्र दलीप कुमार को अचानक बुखार आ गया और उसके पेट में दर्द होने लगा। उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर के मौजूद न होने के कारण उसे पलियाकलां ले गए और उसकी दवा लेकर आए। रविवार को पुत्र की मौत हो गई।
राणाप्रतापनगर गांव के गोपाल की 10 वर्षीय पुत्री रेनू कक्षा पांच की छात्रा थी। उसकी भी शनिवार को बुखार व पेट दर्द से हालत बिगड़ने के बाद रविवार को मौत हो गई। एक दिन में अचानक हुई दो मौतों से लोगों में हड़कंप मच गया है। पूरनुपर सीएचसी के एमओआईसी डॉ. मो. असलम ने बताया कि दोनों बच्चों की मौत होने की जानकारी उन्हें नहीं है। भरतपुर के डाक्टर मनोज से संपर्क किया गया, लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि 23 मार्च को गांव में कैंप लगाकर दवा का वितरण कराया जाएगा। दोनों बब्चों की मौत किस बीमारी से हुई इसकी भी पड़ताल की जाएगी।