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सप्तसरोवर पर पर्यटन बढ़ाने पर जोर, कच्ची सड़क की बदहाली भी होगी दूर
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सप्त सरोवर।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए चूका बीच के अलावा पर्यटन से जुड़े अन्य स्थानों को भी विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। बराही रेंज में स्थित ब्रिटिशकालीन धरोहर सप्तसरोवर को चमकाने के प्रयास जारी हैं। हटों के सौंदर्यीकरण के साथ और भी कई व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। कच्ची सड़क को भी दुरुस्त किया जाना है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का मुख्य पर्यटन स्थल चूका बीच है। सत्र के दौरान यह सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है। चूका बीच में बनी वाटरहट, अरण्यकुटी, बैंबू हट की खूबसूरती के साथ शारदा डैम में हिलोर लेता पानी सैलानियों को खूब पसंद आता है। इसके अलावा जंगल में और भी कई स्थान हैं, जो सैलानियों को खूब पसंद आते हैं।
इसमें बराही रेंज में दो नहरों का संगम सायफन और सात झाल (सप्तसरोवर) शामिल हैं। सैलानियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पूर्व में सप्तसरोवर को विकसित किया गया था। दो हट बनवाई गई थीं। इसके अलावा सोलर पैनल लगाकर झालों में पानी भी भरा जाने लगा। लेकिन पूर्व में देखरेख के अभाव में सप्तसरोवर की खूबसूरती ढलने लगी थी। पिछले सत्र में जंगल सफारी के दौरान सप्त सरोवर का भ्रमण भी बंद किया गया था।
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रंगाई-पुताई के साथ हट की जा रहीं दुरुस्त
पर्यटन सत्र के दौरान चूका बीच की तर्ज पर सप्तसरोवर में भी सैलानियों का आकर्षण बढ़ाने पर बल दिया जा रहा है। अफसरों के निर्देश पर सप्तसरोवर में बनी हटों को दुरुस्त किया जा रहा है। वॉचटावर भी बनवाए जा रहे। नया रूप देने के लिए पुताई का कार्य भी शामिल है।
सप्तसरोवर तक मार्ग की कराई जाएगी मरम्मत
पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों को जंगल रूट से ही सप्तसरोवर के दीदार कराए जाते हैं। सत्र के बाद भी सैलानियों की आमद बनी रहती है, लेकिन फिर उनको सेल्हा गांव के रास्ते से पहुंचना पड़ता है। जिस रास्ते से सैलानी गुजरते हैं वह काफी बदहाल है। अफसरों ने रास्ते को दुरुस्त कराने के भी विभागीय अफसरों को निर्देश दिए है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सप्तसरोवर पर कई विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सप्तसरोवर की खूबसूरती भी सैलानियों को काफी पसंद आती है। सेल्हा गांव से रास्ते को भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व का मुख्य पर्यटन स्थल चूका बीच है। सत्र के दौरान यह सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है। चूका बीच में बनी वाटरहट, अरण्यकुटी, बैंबू हट की खूबसूरती के साथ शारदा डैम में हिलोर लेता पानी सैलानियों को खूब पसंद आता है। इसके अलावा जंगल में और भी कई स्थान हैं, जो सैलानियों को खूब पसंद आते हैं।
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इसमें बराही रेंज में दो नहरों का संगम सायफन और सात झाल (सप्तसरोवर) शामिल हैं। सैलानियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पूर्व में सप्तसरोवर को विकसित किया गया था। दो हट बनवाई गई थीं। इसके अलावा सोलर पैनल लगाकर झालों में पानी भी भरा जाने लगा। लेकिन पूर्व में देखरेख के अभाव में सप्तसरोवर की खूबसूरती ढलने लगी थी। पिछले सत्र में जंगल सफारी के दौरान सप्त सरोवर का भ्रमण भी बंद किया गया था।
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रंगाई-पुताई के साथ हट की जा रहीं दुरुस्त
पर्यटन सत्र के दौरान चूका बीच की तर्ज पर सप्तसरोवर में भी सैलानियों का आकर्षण बढ़ाने पर बल दिया जा रहा है। अफसरों के निर्देश पर सप्तसरोवर में बनी हटों को दुरुस्त किया जा रहा है। वॉचटावर भी बनवाए जा रहे। नया रूप देने के लिए पुताई का कार्य भी शामिल है।
सप्तसरोवर तक मार्ग की कराई जाएगी मरम्मत
पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों को जंगल रूट से ही सप्तसरोवर के दीदार कराए जाते हैं। सत्र के बाद भी सैलानियों की आमद बनी रहती है, लेकिन फिर उनको सेल्हा गांव के रास्ते से पहुंचना पड़ता है। जिस रास्ते से सैलानी गुजरते हैं वह काफी बदहाल है। अफसरों ने रास्ते को दुरुस्त कराने के भी विभागीय अफसरों को निर्देश दिए है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सप्तसरोवर पर कई विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सप्तसरोवर की खूबसूरती भी सैलानियों को काफी पसंद आती है। सेल्हा गांव से रास्ते को भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर