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लापरवाही, अप्रैल से अब तक फुंक चुके हैं 525 ट्रांसफार्मर
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नौगवा चौराहा स्थित वर्कशॉल में रखे विद्युत ट्रांसफॉर्मर। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। भीषण गर्मी में खराब विद्युत व्यवस्था लोगों को परेशान कर रही है। गले पोल और जर्जर लाइनों से आए दिन फाल्ट हो रहे हैं और ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। गर्मी के सीजन में अप्रैल से अब तक 525 ट्रांसफार्मर फुंक चुुके हैं। 100 केवीए के ट्रांसफार्मर की मरम्मत में तीन से चार दिन लगते हैं और 55 से 60 हजार का खर्च आता है। इसके बाद भी कॉरपोरेशन के अफसर गंभीर नहीं है।
हमेशा सुर्खियों में रहने वाले पावर कॉरपोरेशन की लचर व्यवस्था की पोल गर्मी शुरू होते ही खुल जाती है। जर्जर विद्युत लाइनों से ट्रिपिंग और फाल्ट उपभोक्ताओं को परेशान करते हैं। गर्मी के चलते बिजली की खपत तो बढ़ जाती है, मगर पावर कारपोरेशन की ओर से इसके लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाते। इससे आए दिन गर्मी में ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। जबकि मरम्मत प्रक्रिया काफी धीमी होने के कारण एक ट्रांसफार्मर को सही होने में तीन से चार दिन लगते हैं। इस सीजन की बात करें, तो अप्रैल से अब तक पूरे जनपद में 525 ट्रांसफार्मर फुंके चुके हैं। अधिकारी बहाना कोई भी बनाए, मगर हकीकत तो यह है कि अधिकारी इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
ऐसे भी फुंकते हैं ट्रांसफार्मर
फाल्ट और तार ढीले होने के कारण भी ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जाता है। इससे ट्रांसफार्मर फुंकने की संभावना बढ़ जाती है। कई स्थानों पर तार के पास ही पेड़ की डाल है। बरसात से पहले इनकी छंटाई नहीं कराई गई। ऐसे में चिंगारी के साथ फाल्ट हो जाते हैं। जिसका असर सीधे ट्रांसफार्मर पर पड़ता है और ट्रांसफार्मर फुंक जाता है।
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हर साल चालीस से पचास लाख का होता है टेंडर
भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद 100 केवीए की मरम्मत में तीन से चार दिन लगते हैं। इसकी मरम्मत में 55 से 60 हजार का खर्च आता है। ट्रासफार्मरों की मरम्मत के लिए पहले ही टेंडर प्रक्रिया के तहत बजट की स्वीकृति हो जाती है। इसके लिए हर साल 40 से 50 लाख का टेंडर होता है। इससे ट्रांसफार्मर की मरम्मत समय से हो सके और उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत न हो। मगर ऐसा होता नहीं है।
कॉलोनी की सभी विद्युत लाइनें जर्जर हैं। पेड़ों की टहनियों से होकर गुजर रहीं हैं। इससे आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। एक सप्ताह पूर्व कालोनी का ट्रांसफार्मर फुंक गया था। कई घंटा बिजली गुल रही। ट्रॉली ट्रांसफार्मर से कई दिन सप्लाई दी गई। - निकिन आनंद, मोहल्ला अशोक कॉलोनी
जर्जर लाइनों से आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। अक्सर ट्रांसफार्मर में खराबी आ जाती है। इससे कई-कई घंटा आपूर्ति बंद रहती है। इससे गर्मी में काफी दिक्कतें होती हैं। अगर जर्जर लाइनों की मरम्मत हो जाए, तो समस्या दूर हो सकती है। - राजीव मोहन अग्रवाल, बल्लभ नगर कॉलोनी
गर्मी में लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। अप्रैल से अब तक करीब 525 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। एक 100 केवीए के ट्रांसफार्मर की मरम्मत में दो से तीन दिन लग जाते हैं। - केएल श्रीवास्तव, अवर अभियंता, वर्कशॉप
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हमेशा सुर्खियों में रहने वाले पावर कॉरपोरेशन की लचर व्यवस्था की पोल गर्मी शुरू होते ही खुल जाती है। जर्जर विद्युत लाइनों से ट्रिपिंग और फाल्ट उपभोक्ताओं को परेशान करते हैं। गर्मी के चलते बिजली की खपत तो बढ़ जाती है, मगर पावर कारपोरेशन की ओर से इसके लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाते। इससे आए दिन गर्मी में ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। जबकि मरम्मत प्रक्रिया काफी धीमी होने के कारण एक ट्रांसफार्मर को सही होने में तीन से चार दिन लगते हैं। इस सीजन की बात करें, तो अप्रैल से अब तक पूरे जनपद में 525 ट्रांसफार्मर फुंके चुके हैं। अधिकारी बहाना कोई भी बनाए, मगर हकीकत तो यह है कि अधिकारी इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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ऐसे भी फुंकते हैं ट्रांसफार्मर
फाल्ट और तार ढीले होने के कारण भी ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जाता है। इससे ट्रांसफार्मर फुंकने की संभावना बढ़ जाती है। कई स्थानों पर तार के पास ही पेड़ की डाल है। बरसात से पहले इनकी छंटाई नहीं कराई गई। ऐसे में चिंगारी के साथ फाल्ट हो जाते हैं। जिसका असर सीधे ट्रांसफार्मर पर पड़ता है और ट्रांसफार्मर फुंक जाता है।
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हर साल चालीस से पचास लाख का होता है टेंडर
भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद 100 केवीए की मरम्मत में तीन से चार दिन लगते हैं। इसकी मरम्मत में 55 से 60 हजार का खर्च आता है। ट्रासफार्मरों की मरम्मत के लिए पहले ही टेंडर प्रक्रिया के तहत बजट की स्वीकृति हो जाती है। इसके लिए हर साल 40 से 50 लाख का टेंडर होता है। इससे ट्रांसफार्मर की मरम्मत समय से हो सके और उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत न हो। मगर ऐसा होता नहीं है।
कॉलोनी की सभी विद्युत लाइनें जर्जर हैं। पेड़ों की टहनियों से होकर गुजर रहीं हैं। इससे आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। एक सप्ताह पूर्व कालोनी का ट्रांसफार्मर फुंक गया था। कई घंटा बिजली गुल रही। ट्रॉली ट्रांसफार्मर से कई दिन सप्लाई दी गई। - निकिन आनंद, मोहल्ला अशोक कॉलोनी
जर्जर लाइनों से आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। अक्सर ट्रांसफार्मर में खराबी आ जाती है। इससे कई-कई घंटा आपूर्ति बंद रहती है। इससे गर्मी में काफी दिक्कतें होती हैं। अगर जर्जर लाइनों की मरम्मत हो जाए, तो समस्या दूर हो सकती है। - राजीव मोहन अग्रवाल, बल्लभ नगर कॉलोनी
गर्मी में लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। अप्रैल से अब तक करीब 525 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। एक 100 केवीए के ट्रांसफार्मर की मरम्मत में दो से तीन दिन लग जाते हैं। - केएल श्रीवास्तव, अवर अभियंता, वर्कशॉप