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Pilibhit News: शासन की प्राथमिकता वाले कामों में अव्वल पर आम लोगों में नहीं बना सके पैठ

Wed, 31 Jan 2024 01:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jan 2024 01:37 AM IST
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Top priority in government work but could not make inroads among common people
पीलीभीत। अपने सोलह महीनों के कार्यकाल के दौरान डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने फाइलों के निस्तारण में आगे रहकर शासन में तो अच्छी छवि बनाई लेकिन जनप्रतिनिधियों और जनता के खास वर्ग के बीच पैठ नहीं बना सके। जनता से उनकी उतनी ही बात होती थी जितनी फरियादी और साहब के बीच होनी चाहिए। उनके कार्यकाल के दौरान जिले में विकास का कोई बड़ा काम भी नहीं हुआ।
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डीएम प्रवीण कुमार ने 17 सितंबर 2022 को पीलीभीत जिले का चार्ज संभाला था। उनके सामने पुराने डीएम पुलकित खरे की छवि को तोड़कर उससे आगे निकलने की चुनौती थी। मगर ऐसा हो न सका। डीएम प्रवीण कुमार की छवि ईमानदार आईएएस की तो रही लेकिन उनके इर्द-गिर्द जिन अधिकारियों का घेरा रहा वह हमेशा चर्चा में रहे।
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डीएम की नेताओं से नहीं पटी। बीसलपुर विधायक विवेक कुमार ने प्रमुख सचिव विधानसभा ब्रजभूषण दुबे से डीएम की लिखित शिकायत की। कहा कि डीएम खुद बड़ी कुर्सी पर बैठते हैं और विधायकों को सामने फरियादियों वाली कुर्सी पर बैठाते हैं। हालांकि इस प्रकरण के बाद माननीयों के साथ पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बैठक होना शुरू हुई।
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नगर पालिका में पाइप लाइन डालने के मामले में घोटाले के मामले में डीएम ने जांच तो बैठाई लेकिन कार्यदाई संस्था पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं विकास भवन के भ्रष्टाचार पर भी लगाम नहीं लग सकी। सत्ता पक्ष के नेताओं से भी डीएम को तालमेल महज मतलब भर का रहा।

बावजूद इन सबके डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार अपनी सादगी व सौम्यता के लिए पहचान बनाई। विवादों से बचने के लिए वह निजी कार्यक्रमों में भी बेहद कम जाते थे। अनुशासन के मामले में काफी आगे रहे। तहसील दिवस हो या फिर थाना समाधान दिवस सभी में समय से पहुंचकर फरियादियों को सुनते थे।



जज के साथ भी तेवर रहे तल्ख

पीलीभीत में जिलाधिकारी की कुर्सी संभालने के महज पांच महीने बाद 17 फरवरी 2023 को डीएम प्रवीण लक्षकार अपने सुरक्षा कर्मियों और जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट सुम्बुल इरशाद की कोर्ट में घुस गए और निरीक्षण करने लगे। जज सुम्बुल इरशाद की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न देने पर डीएम ने उनसे पूछ डाला कि क्या आप मुझे नहीं जानती हैं। इस घटनाक्रम को लेकर डीएम पूरे प्रदेश में चर्चा में आ गए। प्रधान मजिस्ट्रेट सुम्बुल इरशाद ने हाईकोर्ट में इसकी शिकायत की। जिसमें डीएम को नोटिस जारी किया गया।


व्यापारी भी विरोध में हुए मुखर



शहर के व्यापारी यूं तो कभी किसी अधिकारी के खिलाफ सामने नहीं आते लेकिन इस बार व्यापार मंडल के एक धड़े ने व्यापारियों की अनदेखी का मामला शासन तक पहुंचाया। उद्योग बंधु की बैठक में व्यापारियाें को तवज्जो न देने से नाराज भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने व्यापारियों के साथ 24 दिसंबर को प्रशासन के विरोध में बाजार में पीपे बजाकर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत भी की। इसकी जांच ज्वाइंट सेक्रेटरी भास्कर पांडेय को सौंपी गई।
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