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नहर पटरी पर एक घंटे तक आराम फरमाती रही बाघिन
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माधोटांडा कस्बे के निकट खारजा नहर की पटरी के नीचे आराम फरमाती बाघिन
- फोटो : PILIBHIT
माधोटांडा। जंगल से निकली बाघिन आबादी क्षेत्र के आसपास डेरा जमाए हुए है। शुक्रवार की शाम कस्बे के सटे इलाके में खारजा नहर की पटरी पर बाघिन की मौजूदगी देख ग्रामीण सहम गए। जानकारी लगते ही निगरानी टीम भी मौके पर पहुंच गई। बताते हैं कि बाघिन करीब एक घंटे तक नहर की पटरी के नीचे आराम से लेटी रही। इसके बाद बाघिन झाडिय़ों में चली गई। यह नजारा कई ग्रामीणों ने भी देखा।
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज से बाहर निकली बाघिन की करीब पखवाड़ा भर से आबादी क्षेत्र में चहलकदमी जारी है। बाघिन लगातार खारजा नहर से सटे खेतों और मुख्य मार्ग के आसपास देखी जा रही है। बाघिन की चहलकदमी देख सामाजिक वानिकी के डीएफओ संजीव कुमार ने एक दिन पूर्व क्षेत्र का दौराकर रेंजर को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उधर, शुक्रवार की शाम खारजा नहर क्षेत्र में एक बार फिर बाघिन की मौजूदगी देख खेतों में काम कर रहे ग्रामीण सहम गए। उन्होंने इसकी सूचना वन कर्मियों को दी। कुछ देर बाद रेंजर अयूब हसन वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। जब तक बाघिन को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी। निगरानी टीम ने ग्रामीणों को बमुश्किल वहां से हटाया। बावजूद इसके ग्रामीण बाघिन को देखने के लिए आते जाते रहे।
वन्यजीव प्रेमी अतुल सिंह भी वनकर्मियों के सहयोग में जुटे रहे। बाघिन करीब एक घंटे तक खारजा नहर की पटरी के नीचे आराम फरमाती रही। इसके बाद वह नहर की पटरी के रास्ते आगे बढ़ गई। बाघिन की लगातार बढ़ती चहलकदमी को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है। माधोटांडा-खटीमा मार्ग पर भी वनकर्मियों को तैनात किया गया है। रेंजर ने बताया कि बाघिन की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी लगातार जारी है। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।
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टाइगर रिजर्व की बराही रेंज से बाहर निकली बाघिन की करीब पखवाड़ा भर से आबादी क्षेत्र में चहलकदमी जारी है। बाघिन लगातार खारजा नहर से सटे खेतों और मुख्य मार्ग के आसपास देखी जा रही है। बाघिन की चहलकदमी देख सामाजिक वानिकी के डीएफओ संजीव कुमार ने एक दिन पूर्व क्षेत्र का दौराकर रेंजर को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उधर, शुक्रवार की शाम खारजा नहर क्षेत्र में एक बार फिर बाघिन की मौजूदगी देख खेतों में काम कर रहे ग्रामीण सहम गए। उन्होंने इसकी सूचना वन कर्मियों को दी। कुछ देर बाद रेंजर अयूब हसन वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। जब तक बाघिन को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी। निगरानी टीम ने ग्रामीणों को बमुश्किल वहां से हटाया। बावजूद इसके ग्रामीण बाघिन को देखने के लिए आते जाते रहे।
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वन्यजीव प्रेमी अतुल सिंह भी वनकर्मियों के सहयोग में जुटे रहे। बाघिन करीब एक घंटे तक खारजा नहर की पटरी के नीचे आराम फरमाती रही। इसके बाद वह नहर की पटरी के रास्ते आगे बढ़ गई। बाघिन की लगातार बढ़ती चहलकदमी को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है। माधोटांडा-खटीमा मार्ग पर भी वनकर्मियों को तैनात किया गया है। रेंजर ने बताया कि बाघिन की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी लगातार जारी है। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।
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