फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Tigers are continuously coming out of the forest, wire fencing work has not started.

Pilibhit News: लगातार जंगल से बाहर आ रहे बाघ, तार फेंसिंग का शुरू नहीं हुआ काम

Sat, 03 Feb 2024 02:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 03 Feb 2024 02:16 AM IST
विज्ञापन
Tigers are continuously coming out of the forest, wire fencing work has not started.
शहर की वन कटी रोड पर बना बना सिंगनेचर गेट । फाइल फोटो
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) का जंगल पास बसे गांव के लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। वजह यह है कि आए दिन बाघ जंगल से बाहर निकल रहे हैं और ग्रामीणों को मार रहे हैं। इससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। वहीं वन विभाग के अफसर भी लापरवाह बने हुए हैं। टेंडर होने के बाद भी अब तक तार की फेंसिंग का काम शुरू नहीं हो सका है।
विज्ञापन

जंगल से सटे गांवों के क्षेत्रों में सुरक्षा और बस्ती की रिहाइश में वन्यजीवों के घुस आने से रोकने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन सात करोड़ रुपये खर्च करेगा। लगातार वन्यजीवों का मूवमेंट बस्ती की तरफ होने से वन्यजीव प्रशासन चिंता में है। मौजूदा समय में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं माला रेंज में ही अधिक हो रही हैं। यहां पर आए दिन बाघ की लोकेशन भी ट्रेस हो रही है। यही नहीं महोफ रेंज में भी बाघ की चहलकदमी बनी रहती है।
विज्ञापन

मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए पूर्व में सोलर फेंसिंग आदि का काम कराया गया था। इससे भी समस्या हल नहीं हो सकी थी। इधर लगातार घटनाओं को देखते हुए टाइगर रिजर्व ने माला, बराही और महोफ रेंज में चेनलिंक फेंसिंग के लिए सात लाख रुपये खर्च करने की तैयारी की थी। इसके तहत तीनों रेंज में 25 किलोमीटर के दायरे में काम होना था। टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन कुछ कमियों के चलते मामला कोर्ट चला गया था। अब फिर से कवायद पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक काम शुरु नहीं हो सका है। ऐसे में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व में तीनों रेंज में हुई थी 17 किलोमीटर की चेनलिंक फेंसिंग
इससे पहले टाइगर रिजर्व की इन्हीं तीनों रेंज में 17 किलोमीटर के दायरे में काम करवाया गया था। यह कम पड़ गया था। काम कम होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही पर अंकुश नहीं लग सका था। अब फिर से अधिक दूरी को तय किया गया है। यदि समय रहते यह काम पूरा करा दिया जाए तो घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा।


जानकारी लगी थी कि काम शुरु हो गया है। क्या स्थिति है इसकी जानकारी कराई जाएगी। यदि काम नहीं शुरु हो सका है तो जल्द शुरू कराया जाएगा। - संजय कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed