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टाइगर रिजर्व में चौसिंघा और कवर बिज्जू भी बढ़ा रहे कुनबा
पीलीभीत
Updated Wed, 07 Oct 2015 11:50 PM IST
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जिले के जंगल में सिर्फ बाघों का कुनबा ही नहीं बढ़ रहा, यहां दुर्लभ हो चुके चौसिंघा व कवर बिज्जू भी मौजूद हैं। इन दोनों की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण बाघों की गणना के लिए लगाए गए कैमरे में मिले।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने यहां बाघों की गणना के लिए 416 कैमरे लगाए थे। इन कैमरों में करीब 2.35 लाख तस्वीरें कैद की गईं। इनमे बाघों के अलावा तमाम तरह के सांप, हिरन प्रजाति के जीव, भालू समेत तमाम तरह के वह जीवजंतु भी कैद हुए जो इससे पहले की कैमरे में होने वाली गणना के दौरान होते रहते थे, लेकिन इस बार चौसिंघा व कवर बिज्जू दो ऐसे वन्यजीव पाए गए जो पहले यहां होने वाली गणना में न तो कभी कैमरे में कैद हुए और न ही किसी को दिखे थे। इसके अलावा कैमरे में यहां एक गैंडा भी कैद हुआ। वन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि यह गैंडा नेपाल से आया होगा। अब उसकी यहां मौैजूदगी है या नहीं इस बारे में अधिकारी भी कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी डा. कमलेश ने बताया कि चौसिंघा व कवर बिज्जू यहां पहली बार कैमरे में कैद हुआ है। यह दोनों जीव अति दुर्लभ प्रजाति की श्रेणी में हैं।
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इनकी है यहां के जंगलों में पहले से मौजूदगी
बिल्ली प्रजाति: बंगाल टाइगर (बाघ), तेंदुआ, जंगली बिल्ली
हिरन प्रजाति: बारहसिंघा, चीतल, पाढ़ा, सांभर, नीलगाय, काला हिरन
अन्य प्रजाति: भालू, जंगली सूअर,
सांप प्रजाति. सल्लू सांप, कोबरा, अजगर, पगई, चिटी सांप आदि तथा 327 प्रकार की पक्षी यहां पाए जाते हैं।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने यहां बाघों की गणना के लिए 416 कैमरे लगाए थे। इन कैमरों में करीब 2.35 लाख तस्वीरें कैद की गईं। इनमे बाघों के अलावा तमाम तरह के सांप, हिरन प्रजाति के जीव, भालू समेत तमाम तरह के वह जीवजंतु भी कैद हुए जो इससे पहले की कैमरे में होने वाली गणना के दौरान होते रहते थे, लेकिन इस बार चौसिंघा व कवर बिज्जू दो ऐसे वन्यजीव पाए गए जो पहले यहां होने वाली गणना में न तो कभी कैमरे में कैद हुए और न ही किसी को दिखे थे। इसके अलावा कैमरे में यहां एक गैंडा भी कैद हुआ। वन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि यह गैंडा नेपाल से आया होगा। अब उसकी यहां मौैजूदगी है या नहीं इस बारे में अधिकारी भी कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी डा. कमलेश ने बताया कि चौसिंघा व कवर बिज्जू यहां पहली बार कैमरे में कैद हुआ है। यह दोनों जीव अति दुर्लभ प्रजाति की श्रेणी में हैं।
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इनकी है यहां के जंगलों में पहले से मौजूदगी
बिल्ली प्रजाति: बंगाल टाइगर (बाघ), तेंदुआ, जंगली बिल्ली
हिरन प्रजाति: बारहसिंघा, चीतल, पाढ़ा, सांभर, नीलगाय, काला हिरन
अन्य प्रजाति: भालू, जंगली सूअर,
सांप प्रजाति. सल्लू सांप, कोबरा, अजगर, पगई, चिटी सांप आदि तथा 327 प्रकार की पक्षी यहां पाए जाते हैं।