हैरान करने वाला VIDEO: खेतों में काम कर रहे थे किसान... तभी आ गया टाइगर; नजर पड़ी तो उड़ गए होश
पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में एक टाइगर फिर चहलकदमी करते देखा गया। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में टाइगर धान के खेत में चहलकदमी करते दिख रहा है। वहीं पास के खेत में किसान ट्रैक्टर से जुताई कर रहा है।
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पीलीभीत के पूरनपुर में कई दिनों से हरदोई ब्रांच नहर के आसपास चहलकदमी कर रहा बाघ सोमवार शाम को फिर 13 मील के समीप आकर नहर पटरी पर देखा गया। खेतों में किसान काम कर रहे थे, उसी वक्त बाघ चहलकदमी करते हुए आ गया। नहर पटरी पर बैठ गया। बाघ को देख किसानों में दहशत फैल गई।
बाघ को देखकर वहां से गुजर रहे राहगीरों ने अपने वाहन रोक दिए। कुछ ने बाघ के फोटो भी खींचे और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। कुछ देर बाद बाघ वहां से चला गया। सूचना पर वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन बाघ का पता नहीं चला।
बाघ करीब एक महीना पहले गांव मनहरिया पहुंच गया था। लोगों ने शोर-शराबा कर बाघ को खदेड़ दिया था। कई दिन तक आसपास चहल कदमी करता रहा। बाघ को पकड़ने को पिंजरा भी लगाया गया, लेकिन कई दिन तक पिंजरा में न फंसने पर वन अफसरों ने बाघ के जंगल में चले जाने का तर्क देकर पिंजरा हटा लिया था।
सप्ताह भर पहले यहां देखा गया था बाघ
सप्ताह भर पहले फिर बाघ गांव उदयकरनपुर के समीप खेतों में और इसके बाद 13 मील के पास नहर पटरी पर जा पहुंच गया और नहर की झाड़ियों में छिप गया था। 13 मील के पास बाघ को पकड़ने के लिए फिर पिंजरा लगाया गया।
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बाघ की निगरानी के लिए टीम लगाई गई। पिंजरा लगते ही बाघ चार किलोमीटर दूर गांव अभयपुर माधौपुर की ओर चला गया। वहां बाघ का अधखाया संरक्षित पशु का अवशेष भी वनकर्मियों को मिला था। इसके बाद बाघ की चहलकदमी न मिलने पर वन विभाग टीम बाघ के जंगल में चले जाने की आशंका व्यक्त कर रहे थे।
आसपास खेतों में किसान कर रहे थे काम
सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे बाघ फिर हरदोई ब्रांच नहर पटरी के पास देखा गया। राहगीरों ने बाघ को देखकर फोटो खींचे और वीडियो भी बनाया। वीडियो में बाघ धान के खेत से जाते दिख रहा है। पास के खेत में एक किसान ट्रैक्टर के जुताई कर रहा है। सूचना पर वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। क्षेत्र से बाघ को खदेड़ने या पकड़ने की कोशिश न होने का आरोप लगाते हुए लोगों ने नाराजगी व्यक्त की। वहीं इलाके में बाघ आने से ग्रामीणों में दहशत है।