तराई के जंगलों में बाघों की नई पीढ़ी तैयार हो रही है। लखीमपुर खीरी के दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों में 20 से अधिक बाघिनों के साथ 60 से अधिक शावक कैमरा ट्रैप और वन विभाग की निगरानी में दर्ज किए गए हैं। इनमें कई शावक बड़े होकर बाघ के रूप में अपना अलग इलाका बना चुके हैं या बनाने की ओर हैं। बाघिनों के साथ शावकों की लगातार मौजूदगी तराई में बाघ संरक्षण के बेहतर भविष्य के संकेत दे रही है।
World Tiger Day: दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बढ़ रहा बाघों का कुनबा, चार साल में दिखे 60 शावक
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत/लखीमपुर खीरी
Published by: Mukesh Kumar
Updated Wed, 29 Jul 2026 08:59 AM IST
सार
तराई के जंगलों में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों में 60 से अधिक शावक देखे गए हैं। वर्ष 2026 की बाघ गणना के लिए बीते पांच माह से काम चल रहा है। इसके आंकड़े वर्ष 2027 में आएंगे।
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