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पिपरिया संतोष के निकट फिर दिखा बाघ दहशत
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 27 Jun 2017 08:01 PM IST
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टाइगर रिजर्व के जंगलों से बाघ एवं वन्यजीवों के बाहर आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिपरिया संतोष के निकट खेतों मे ग्रामीणों ने बाघ की चहल कदमी देख वनकर्मियों को सूचना दी है। मौके पर पहुंची टीम पगमार्ग चिह्नित किए। बाघ दिखने से दहशत में हैं। पिपरिया संतोष एवं इससे लगे पुरैनी दीपनगर निवासी गुरमुख सिंह किसानों की जमीन ठेके पर लेकर खेती करते हैं। इनके खेतों और झाले के पास ही पालसिंह का घर है, जो बंद पड़ा है। पिछले कई दिनों से इस बंद मकान एवं इसके आसपास बाघ और एक शावक की चहल कदमी देखी जा रही है। मंगलवार सुबह गुरुमुख के खेत पर मजदूर धान की रोपाई करने पहुंचे थे। इस बीच उन्हें कुछ दूरी पर बाघ घूमता दिखाई दिया। इससे घबराए मजदूर काम छोड़कर भाग गए। गुरुमुख सिंह ने इसकी सूचना वनविभाग को दी। इस पर डिप्टी रेंजर वजीर हसन, रमेश भट्ट व गोविंद आदि मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत के बाद खेतों में जाकर देखा। जहां उन्हें कई जगह पदचिह्न मिले। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ के साथ एक बच्चा भी पिछले 15 दिनों से अक्सर दिखाई देता है। इसकी जानकारी वनविभाग एवं पुलिस को कई बार दी गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र में बार-बार बाघ दिखने से ग्रामीणों में दहशत है, जिससे धान की रोपाई में दिक्कत आ रही है। डिप्टी रेंजर वजीर हसन ने बताया कि बाघ के पगचिह्न मिले हैं जिन्हें चिह्नित किया गया है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। ग्रामीणों से सतर्क रहने और खेतों पर अकेले न जाने की अपील की गई है।
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