{"_id":"2c6872150f5a05dec9e9a1587ce591ac","slug":"tiger-hindi-news-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Thu, 23 Apr 2015 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बृहस्पतिवार को सुबह कलीनगर बाइफरकेशन मार्ग पर राहगीरों ने हरदोई ब्रांच की दो मील झाल पर एक नर बाघ का शव फंसा देखा। सूचना पर डीएफओ कैलाश प्रकाश, डीएफओ सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार, एसडीओ डीपी सिंह व बराही रेंजर मोहम्मद शहनियाज व पूरनपुर रेंजर हसीन अहमद सहित तमाम वनाधिकारी मौके पर पहुंचे और झाल में फंसे बाघ के शव को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। निरीक्षण के बाद डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि उसके सभी अंग सुरक्षित हैं। उन्होंने उसकी उम्र करीब पांच साल बताई। शरीर पर कोई चोट या घाव न होने पर अधिकारी मौत का कारण जानने का प्रयास करते रहे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। आशंका व्यक्त की जा रही है कि उसकी जहर देकर हत्या की गई है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले इस संबंध में कुछ भी कहने से बचते रहे। बाद में बाघ के शव को प्रभागीय कार्यालय लाया गया। यहां डीएम ओएन सिंह ने भी पहुंचकर बाघ के शव को देखा और वन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद करीब एक बजे बाघ को पोस्टमार्टम के लिए बरेली स्थित आईवीआरआई भेज दिया गया। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
विज्ञापन