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Pilibhit News: जना आरोग्य मेले में रहा अव्यवस्थाओं का बोलबाला
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बीसलपुर सीएचसी में मरीज देखते डॉ.चंदन सिन्हा।संवाद
बीसलपुर। इस क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में रविवार को आयोजित हुए मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों और आयुष्मान भव मेलों में काफी अव्यवस्थाएं रहीं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित आयुष्मान भव मेले में डॉ. चंदन सिन्हा ने 105 मरीजों से उनकी बीमारियां के बारे में जानकारी ली। उसके बाद दवाई दिलवाई। मेले में महिला डॉक्टर नहीं थी, जिससे महिला मरीज मायूस होकर लौट गए। महिलाएं महिला डॉक्टर से ही दवाई लेना चाहती थीं। इस दौरान मरीजों की जांच भी नहीं हुई।
नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ.आशीष अग्रवाल और डॉ. सविता विद्यार्थी ने 42 मरीजों से उनकी बीमारियों के बारे में जानकारी ली और लक्षणों के आधार पर फार्मासिस्ट अमित सिंह से उन्हें दवाई दिलाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खांडेपुर में डॉ. पराग अग्रवाल और डॉ. उज्जमा अख्तर ने 27 मरीजों को उनके द्वारा बताई गई बीमारियों के लक्षणों के आधार पर दवाई दिलवाई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंंद्र चुर्रासकतपुर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कमलेश गंगवार और डॉ. सबीना ने 32 मरीजों द्वारा बताए गईं बीमारियों के लक्षणों के आधार पर उन्हें दवाई दिलवाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरी नवदिया में डॉ. ललिता रस्तोगी ने 21 मरीजों को दवाई दिलवाई। किसी भी मेले में मरीजों की जांच का कोई बंदोबस्त नहीं किया गया था।
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इन मेलों के निरीक्षण करने की जिम्मेदारी संभाले सीएचसी अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि जनसंख्या स्थिरता अभियान का निरीक्षण करने में व्यस्त रहने के कारण वह मेलों का निरीक्षण नहीं कर पाए। अब तक कोई शिकायत नही मिली है। कोई शिकायत मिलेगी तो जांच कराई जाएगी।
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काली पट्टी बांधकर किया काम
बीसलपुर। खांडेपुर, चुर्रासकतपुर, शिवपुरी नवदिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित हुए मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में संविदा डॉक्टरों और कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर काम किया। संविदा डॉक्टर ललिता रस्तोगी ने बताया कि 10 सूत्री मांगों को लेकर बांहों पर काली पट्टी बांधकर काम किया जा रहा है। संवाद
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित आयुष्मान भव मेले में डॉ. चंदन सिन्हा ने 105 मरीजों से उनकी बीमारियां के बारे में जानकारी ली। उसके बाद दवाई दिलवाई। मेले में महिला डॉक्टर नहीं थी, जिससे महिला मरीज मायूस होकर लौट गए। महिलाएं महिला डॉक्टर से ही दवाई लेना चाहती थीं। इस दौरान मरीजों की जांच भी नहीं हुई।
नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ.आशीष अग्रवाल और डॉ. सविता विद्यार्थी ने 42 मरीजों से उनकी बीमारियों के बारे में जानकारी ली और लक्षणों के आधार पर फार्मासिस्ट अमित सिंह से उन्हें दवाई दिलाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खांडेपुर में डॉ. पराग अग्रवाल और डॉ. उज्जमा अख्तर ने 27 मरीजों को उनके द्वारा बताई गई बीमारियों के लक्षणों के आधार पर दवाई दिलवाई।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंंद्र चुर्रासकतपुर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कमलेश गंगवार और डॉ. सबीना ने 32 मरीजों द्वारा बताए गईं बीमारियों के लक्षणों के आधार पर उन्हें दवाई दिलवाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरी नवदिया में डॉ. ललिता रस्तोगी ने 21 मरीजों को दवाई दिलवाई। किसी भी मेले में मरीजों की जांच का कोई बंदोबस्त नहीं किया गया था।
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इन मेलों के निरीक्षण करने की जिम्मेदारी संभाले सीएचसी अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि जनसंख्या स्थिरता अभियान का निरीक्षण करने में व्यस्त रहने के कारण वह मेलों का निरीक्षण नहीं कर पाए। अब तक कोई शिकायत नही मिली है। कोई शिकायत मिलेगी तो जांच कराई जाएगी।
काली पट्टी बांधकर किया काम
बीसलपुर। खांडेपुर, चुर्रासकतपुर, शिवपुरी नवदिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित हुए मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में संविदा डॉक्टरों और कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर काम किया। संविदा डॉक्टर ललिता रस्तोगी ने बताया कि 10 सूत्री मांगों को लेकर बांहों पर काली पट्टी बांधकर काम किया जा रहा है। संवाद