फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   There is no sugarcane committee in Barkheda, 30 thousand farmers of 168 villages are troubled

Pilibhit News: बरखेड़ा में गन्ना समिति नहीं, 168 गांवों के 30 हजार किसान परेशान

Wed, 20 Nov 2024 10:51 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 10:51 PM IST
विज्ञापन
There is no sugarcane committee in Barkheda, 30 thousand farmers of 168 villages are troubled
बीसलपुर। कस्बा बरखेड़ा में सहकारी गन्ना विकास समिति न होने से क्षेत्र के 168 गांवों के 30 हजार से अधिक किसान परेशान हैं। किसानों को गन्ने की खेती से संबंधित किसी भी समस्या के निस्तारण के लिए गन्ना समिति बीसलपुर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन

कस्बा बरखेड़ा में बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल वर्ष 2006 में बन गई थी। गन्ना विकास परिषद कार्यालय भी खुल गया था। गन्ना अधिनियम के अनुसार- जहां चीनी मिल और गन्ना विकास परिषद होती है वहां सहकारी गन्ना विकास समिति भी होनी चाहिए। इतना स्पष्ट गन्ना अधिनियम होने के बावजूद 18 वर्ष बीतने के बाद भी बरखेड़ा में अब तक सहकारी गन्ना विकास समिति नहीं बन पाई है। किसानों को गन्ना समिति बीसलपुर की दौड़ लगानी पड़ती है। इसमें समय और पैसा अधिक खर्च होता है। किसानों ने जिम्मेदारों से कई बार संपर्क कर बरखेड़ा में गन्ना समिति बनवाने की मांग की। मगर समिति अब तक नहीं बनी।
विज्ञापन



इन गांवों के किसान परेशान
रामनगर, जगतपुर, रंभोजा, पैनिया हिम्मत, पैनिया रामकिशन, गाजीपुर मुगल, गाजीपुर कुंडा, बहादुरपुर, ज्योरहा, रंपुरा नत्थू, पिपरिया मंडन, पैंतबोझी, परानपुर, भीकमपुर, शेरगंज, जोगीठेर, रुरिया, मुड़िया कुंडरी, नरायनपुर, नवादा महेश, मुड़िया हुलास, बर्रामऊ, दियोराजपुर, भोपतुपर, जयनगर आदि 160 से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन




बरखेड़ा में गन्ना समिति बनना जरूरी
उनका गांव बीसलपुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। गन्ने की खेती से संबंधित सभी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्हें बीसलपुर आना पड़ता है। बरखेड़ा में यदि गन्ना समिति बन जाए तो किसानों को काफी सुविधा हो जाएगी। -अतुल दीक्षित, गन्ना कृषक गांव रंभोजा



उनका गांव बीसलपुर से लगभग 18 किलोमीटर दूर है। बरखेड़ा में गन्ना समिति न बनने के लिए गन्ना विभाग के अधिकारी पूरी तरह से जिम्मेदार है। -यतेंद्र कुमार, गांव रुरिया






एजीएम में पास होने के बाद ही समिति बनने का रास्ता होगा साफ
समिति की वार्षिक सामान्य निकाय (एजीएम) की बैठक में जब कस्बा बरखेड़ा में गन्ना समिति बनने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास होने के बाद विभागीय उच्चाधिकारियों के पास भेजा जाएगा। इसके बाद ही बरखेड़ा में गन्ना समिति बनने का रास्ता साफ हो पाएगा। -राजेश कुमार, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति, बीसलपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed