{"_id":"674b46e78fe7720aea0b19f0","slug":"there-is-a-shortage-of-npk-in-the-city-committees-farmers-are-wandering-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-126418-2024-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: शहर की समितियों में एनपीके का टोटा, भटक रहे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: शहर की समितियों में एनपीके का टोटा, भटक रहे किसान
विज्ञापन
पीलीभीत के टनकपुर मार्ग के पास स्थित प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति से साइकिल पर खाद रखकर ले जा
पीलीभीत। दो-तीन दिन राहत के बाद किसान फिर से एनपीके की तलाश में भटकने लगे हैं। शहर के मंडी समिति परिसर और मरौरी ब्लॉक के पास ही सहकारी समिति में एनपीके खाद नहीं मिल रही। किसानोंं को डीएपी से काम चलाने की नसीहत दी जा रही है। कई अन्य समितियों पर भी एनपीके का टोटा है।
करीब एक सप्ताह पहले 1370 मीट्रिक टन खाद जिले में आई थी। इसे सभी 76 समितियों पर आवंटन के अनुसार भेजा जा चुका है। शनिवार अपराह्न करीब दो बजे मंडी समिति परिसर की सहकारी समिति में मौजूद किसान हरिपाल निवासी सडा गांव ने बताया कि एनपीके नहीं मिल रही। कई समितियां देख लीं। बताया कि डीएपी मिल रही है। यह भी बताया कि मंडी समिति के सामने निजी उर्वरक की दुकान पर उसकी बहस भी हुई है। कई अन्य किसान भी एनपीके के लिए भटकते नजर आए।
शहर में नेहरू पार्क के पास मरौरी ब्लॉक क्षेत्र में स्थित समिति पर भी एनपीके खाद नहीं है। किसान छोटेलाल ने बताया कि एनपीके लेनी थी। पता चला कि खाद नहीं तै। एक अन्य किसान भी एनपीके की तलाश भी आए हुए थे। बताया गया कि अगर डीएपी लेनी है तो आधार ले आओ। एक एकड़ पर एक कट्टा डीएपी दी जा रही है। अधिकतम तीन कट्टा ही खाद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब एक सप्ताह पहले 1370 मीट्रिक टन खाद जिले में आई थी। इसे सभी 76 समितियों पर आवंटन के अनुसार भेजा जा चुका है। शनिवार अपराह्न करीब दो बजे मंडी समिति परिसर की सहकारी समिति में मौजूद किसान हरिपाल निवासी सडा गांव ने बताया कि एनपीके नहीं मिल रही। कई समितियां देख लीं। बताया कि डीएपी मिल रही है। यह भी बताया कि मंडी समिति के सामने निजी उर्वरक की दुकान पर उसकी बहस भी हुई है। कई अन्य किसान भी एनपीके के लिए भटकते नजर आए।
विज्ञापन
शहर में नेहरू पार्क के पास मरौरी ब्लॉक क्षेत्र में स्थित समिति पर भी एनपीके खाद नहीं है। किसान छोटेलाल ने बताया कि एनपीके लेनी थी। पता चला कि खाद नहीं तै। एक अन्य किसान भी एनपीके की तलाश भी आए हुए थे। बताया गया कि अगर डीएपी लेनी है तो आधार ले आओ। एक एकड़ पर एक कट्टा डीएपी दी जा रही है। अधिकतम तीन कट्टा ही खाद मिलेगी।
विज्ञापन