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Pilibhit News: दियोरिया में पांच माह से कर्मी नहीं, सफाई चौपट
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जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर, ग्रामीणों में आक्रोश
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बीसलपुर। दियोरिया ग्राम पंचायत में विभागीय अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते पिछले पांच माह से एक भी सफाई कर्मचारी नहीं है, जिससे गांव की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
दियोरिया के प्रधान अजय सिंह ने बताया कि उनके गांव के सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश का आठ जुलाई 2023 को ग्राम पंचायत अंडहा के लिए तबादला हो गया था। उसे कार्यमुक्त तो उसी समय कर दिया गया लेकिन उसके स्थान पर अभी किसी नए सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई। ऐसे में गांव की सफाई पूरी तरह से प्रभावित है।
प्रधान ने यह भी बताया कि उनका गांव विकासखंड क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव है। मानक के अनुरूप इस गांव में तीन सफाई कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन पांच माह से एक भी सफाई कर्मचारी नहीं है। सफाई कर्मचारी न होने से गांव में गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियों में गंदा पानी भरा हुआ है। इससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है।
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इस बाबत पंचायत विभाग के सहायक विकास अधिकारी हरीश भारती ने बताया कि इस गांव में सफाई कर्मचारी कामता प्रसाद की नियुक्ति तीन नवंबर को हो गई थी लेकिन उन्होंने अभी तक गांव में पहुंचकर योगदान नहीं किया है। इस वजह से उनका वेतन भी रोक दिया गया है।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
बीसलपुर। दियोरिया ग्राम पंचायत में विभागीय अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते पिछले पांच माह से एक भी सफाई कर्मचारी नहीं है, जिससे गांव की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
दियोरिया के प्रधान अजय सिंह ने बताया कि उनके गांव के सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश का आठ जुलाई 2023 को ग्राम पंचायत अंडहा के लिए तबादला हो गया था। उसे कार्यमुक्त तो उसी समय कर दिया गया लेकिन उसके स्थान पर अभी किसी नए सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई। ऐसे में गांव की सफाई पूरी तरह से प्रभावित है।
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प्रधान ने यह भी बताया कि उनका गांव विकासखंड क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव है। मानक के अनुरूप इस गांव में तीन सफाई कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन पांच माह से एक भी सफाई कर्मचारी नहीं है। सफाई कर्मचारी न होने से गांव में गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियों में गंदा पानी भरा हुआ है। इससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है।
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इस बाबत पंचायत विभाग के सहायक विकास अधिकारी हरीश भारती ने बताया कि इस गांव में सफाई कर्मचारी कामता प्रसाद की नियुक्ति तीन नवंबर को हो गई थी लेकिन उन्होंने अभी तक गांव में पहुंचकर योगदान नहीं किया है। इस वजह से उनका वेतन भी रोक दिया गया है।