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Pilibhit News: पीटीआर की शोभा बढ़ा रहा हॉर्नबिल पक्षी का संसार, एक किमी तक गूंजती है आवाज

Sun, 18 May 2025 10:29 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 18 May 2025 10:29 PM IST
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The world of Hornbill birds is adding to the beauty of PTR, their sound reverberates for a kilometer
पीटीआर में पेड़ पर बैठा हॉर्नबिल पक्षी। स्रोत सोसाइटी
पीलीभीत। बाघों की बेहतर मौजूदगी को लेकर देश-दुनिया में मशहूर पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में पक्षियों का भी अद्भुत संसार बसता है। इसमें हॉर्नबिल (धनेश) पक्षी की मौजूदगी भी शामिल है। भारतीय उपमहाद्वीप में पाए जाने वाले इस पक्षी की पीटीआर में तीन प्रजातियां पाई जाती हैं। इसकी आवाज एक किमी के दायरे में गूंजती है।
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पांच वन रेंजों में फैला पीटीआर का जंगल अपनी जैव विविधता को लेकर सुर्खियों में रहता है। जंगल में वैसे तो पक्षियों की 350 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन इसमें हार्नबिल पक्षी की मौजूदगी खास मानी जाती है।
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पक्षियों पर काम करने वाले टरक्वाइज वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन सोसायटी के अध्यक्ष अख्तर मियां के अनुसार, पीटीआर में इंडियन ग्रे हार्नबिल, ओरिएंटल पाइड हॉर्नबिल और ग्रेट हॉर्नबिल की मौजूदगी देखी गई है। वैसे तो हॉर्नबिल पीटीआर के हर क्षेत्र में पाए जाते हैं, लेकिन इनके आशियाने अक्सर पुराने जंगल में ज्यादा देखे जाते हैं।
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उनका कहना है कि इंडियन हॉर्नबिल को जंगल के किसान के रूप में भी जाना जाता है। कई फलों के पेड़ों के बीजों को फैलाने में उनकी भूमिका के कारण इन्हें यह नाम दिया गया है। खास बात यह है कि इसकी कर्कश आवाज एक किलोमीटर दूर से सुनाई देती है। इनके घोंसले के निर्माण का समय बसंतकाल से ग्रीष्म काल तक रहता है।
फलों पर निर्भरता के चलते यह अपने बच्चों के लिए फल वाले पेड़ों के आसपास किसी पेड़ के छिद्र में अपने घोंसला बनाते हैं। घोंसले के लिए छिद्र का चुनाव करने के बाद मादा उसमें स्वयं को बंद कर लेती है। ⁠अन्य पक्षियों की तुलना में ये बेहद साफ-सुथरे और सफाई पसंद होते हैं। बच्चों को पालने के लिए मादा पक्षी तीन महीने घोंसले में कैद रहती है। (संवाद)



पक्षियों की 350 प्रजातियां, कुछ बहुत खास
पीटीआर में पक्षियों की करीब 350 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें ब्लैक फ्रानकोलिन, इंडियन पी फाउल, ट्री पाई, रैड जंगल फाउल, ड्रोन्गो, मुनिया, स्टोन चैट, पोचार्ड, मालार्ड, श्राइक, सन बर्ड, फ्लोवर पीकर, बैकटेल, फ्लाईकैचर, लैपविंग शामिल हैं। वहीं वैश्विक महत्व के पक्षियों में वल्चर, ईगल, सिलेटी बुडपैकर, स्वाम्प फ्रानकोलिन व बंगाल फ्लोरिकन शामिल हैं।



अंतरराष्ट्रीय पक्षी विशेषज्ञ कर चुके हैं 60 प्रजातियां देखने का दावा
पक्षियों की बेहतर स्थिति को देखते हुए पूर्व में अंतरराष्ट्रीय पक्षी विशेषज्ञ रिचर्ड ग्रिमेट, टिम इंस्किप और कैरल इंस्किप भी अपने दल के साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर पहुंचे थे। दल के सदस्यों ने तीन दिन रुककर जंगल की खूबसूरती और पक्षियों की मौजूदगी को परखा था। करीब 60 प्रजातियों के पक्षी अंतरराष्ट्रीय दल के सदस्यों को देखने को मिले थे।

पीटीआर में पेड़ पर बैठा हॉर्नबिल पक्षी। स्रोत सोसाइटी

पीटीआर में पेड़ पर बैठा हॉर्नबिल पक्षी। स्रोत सोसाइटी

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