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Pilibhit News: शारदा नदी का पानी उतरा... पीछे छोड़ गया दुश्वारियां
Fri, 11 Aug 2023 11:52 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 11 Aug 2023 11:52 PM IST
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गांव के निचले इलाके के घर में भरा पानी और कीचड़ । संवाद
पूरनपुर। शारदा नदी का जलस्तर कम होने के बाद गांव चंदिया हजारा के अधिकांश घरों में भरा पानी निकल गया है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन दलदल और कीचड़ से दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। कॉलोनी नंबर छह की आबादी में अब पानी नहीं है, लेकिन गांव खिरकिया बरगदिया और ढक्काचांट जाने वाले मुख्य रास्ते पर जलभराव से शुक्रवार को भी आवागमन बंद रहा।
आबादी वाले हिस्से से पानी निकलने के बाद कच्चे और छप्परदार घरों के गिरने, क्षतिग्रस्त होने का सिलसिला शुरू हो गया है। खेतों तक पहुंचने के लिए लोगों को घुटने तक दलदल में घुसकर गुजरना पड़ रहा है। नदी के रेत छोड़ने से हुए दलदल से बाढ़ खंड के अफसर, कर्मचारी काम नहीं करा पा रहे हैं। बाढ़ और कटान को लेकर नदी किनारे के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो गए हैं।
शुक्रवार को एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने राजस्व निरीक्षक को साथ लेकर गांव का निरीक्षण किया। लोगों ने समस्या से निजात दिलाने और क्षतिग्रस्त हुए घरों का मुआवजा दिलाने की मांग की। ग्राम प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि गांव के करीब ६५ लोगों के कच्चे और छप्परपोश घर क्षतिग्रस्त हुए है। कुछ के ढह गए है। तहसीलदार ध्रुवनरायण यादव ने बताया कि क्षतिग्रस्त घरों के सर्वे को लेखपालों की टीम को लगाया गया है।
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नदी के रुख बदलने और सिल्ट छोड़ने से बढ़ीं दिक्कतें
शारदा नदी में पिछले साल तक ढाई लाख क्यूसेक पानी आने तक बाढ़ की स्थिति नहीं बनती थी। इस बार नदी रुख बदलकर चंदिया हजारा के समीप से बहती हुई शारदा नदी के पार गांव नहरोसा, राणाप्रताप नगर की ओर जा रही है। इस बार नदी ने भारी मात्रा में रेत छोड़ी है। इससे नदी में एक लाख क्यूसेक पानी आने से ही गांव चंदिया हजारा और आसपास बाढ़ के हालात बन जा रहे हैं।
चंदिया हजारा मेंं घरों से पानी निकल गया है। निचले स्थानों पर हल्का जलभराव है। राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व मेंं लेेखपालों की टीम को फसल, आवास क्षति के आंकलन को लगाया गया है। - राजेश कुमार शुक्ला, एसडीएम
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आबादी वाले हिस्से से पानी निकलने के बाद कच्चे और छप्परदार घरों के गिरने, क्षतिग्रस्त होने का सिलसिला शुरू हो गया है। खेतों तक पहुंचने के लिए लोगों को घुटने तक दलदल में घुसकर गुजरना पड़ रहा है। नदी के रेत छोड़ने से हुए दलदल से बाढ़ खंड के अफसर, कर्मचारी काम नहीं करा पा रहे हैं। बाढ़ और कटान को लेकर नदी किनारे के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो गए हैं।
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शुक्रवार को एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने राजस्व निरीक्षक को साथ लेकर गांव का निरीक्षण किया। लोगों ने समस्या से निजात दिलाने और क्षतिग्रस्त हुए घरों का मुआवजा दिलाने की मांग की। ग्राम प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि गांव के करीब ६५ लोगों के कच्चे और छप्परपोश घर क्षतिग्रस्त हुए है। कुछ के ढह गए है। तहसीलदार ध्रुवनरायण यादव ने बताया कि क्षतिग्रस्त घरों के सर्वे को लेखपालों की टीम को लगाया गया है।
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नदी के रुख बदलने और सिल्ट छोड़ने से बढ़ीं दिक्कतें
शारदा नदी में पिछले साल तक ढाई लाख क्यूसेक पानी आने तक बाढ़ की स्थिति नहीं बनती थी। इस बार नदी रुख बदलकर चंदिया हजारा के समीप से बहती हुई शारदा नदी के पार गांव नहरोसा, राणाप्रताप नगर की ओर जा रही है। इस बार नदी ने भारी मात्रा में रेत छोड़ी है। इससे नदी में एक लाख क्यूसेक पानी आने से ही गांव चंदिया हजारा और आसपास बाढ़ के हालात बन जा रहे हैं।
चंदिया हजारा मेंं घरों से पानी निकल गया है। निचले स्थानों पर हल्का जलभराव है। राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व मेंं लेेखपालों की टीम को फसल, आवास क्षति के आंकलन को लगाया गया है। - राजेश कुमार शुक्ला, एसडीएम

गांव के निचले इलाके के घर में भरा पानी और कीचड़ । संवाद

गांव के निचले इलाके के घर में भरा पानी और कीचड़ । संवाद