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Pilibhit News: सांसें देने आए वेंटिलेटर का धूल से घुट रहा दम

Tue, 30 Jul 2024 03:32 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Tue, 30 Jul 2024 03:32 AM IST
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The ventilator that came to give us breath is suffocating due to dust
जिला अस्तपताल का आईसीयू वार्ड परिसर।संवाद
पीलीभीत। कोरोना काल के दौरान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पीएम केयर फंड से मिले 28 वेंटिलेटर में से सिर्फ आठ ही उपयोग में आ रहे हैं। 20 वेंटिलेटर का भंडार कक्ष में रखे-रखे धूल की वजह से दम घुट रहा है। इनमें से 11 वेंटिलेटर खराब हो गए हैं। यह मरम्मत करके फिर से प्रयोग में भी नहीं लाए जा सकते।
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वर्तमान में जिला अस्पताल 300 बेड क्षमता का है। इसे बढ़ाकर 500 बेड का किया जाना है। इसके लिए काम चल रहा है। 300 में से 18 बेड आईसीयू वार्ड व छह बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई में हैं। 20 बेड आपाताकालीन विभाग में हैं। पीएम केयर फंड से मिले 28 वेंटिलेटर में से दो का प्रयोग एंबुलेंस में व छह का अस्पताल के विभिन्न वार्डों में किया जा रहा है।
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शेष 20 वेंटिलेटर भंडार कक्ष में धूल फांक रहे हैं। इनका उपयोग मॉकड्रिल के लिए भी नहीं किया जाता है। काेरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान वेंटिलेटर की कमी पड़ गई थी। इस वजह से कई की जान भी चली गई। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब संसाधन उपलब्ध हैं तो प्रशासन इनका रखरखाव नहीं कर पा रहा। आए दिन वेटिंलेटर की कमी के चलते मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। दूसरी ओर भंडार कक्ष में रखे वेंटिलेटर का प्रयोग करने के लिए कोई कवायद नहीं की जा रही।
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भंडार कक्ष में रखे-रखे 11 वेंटिलेटर मरम्मत के लायक भी नहीं रहे हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से कई बार वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल पाती है। मरीजों को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है।

सीएमएस बोले- मुझे जानकारी नहीं
भंडार कक्ष में रखे वेंटिलेटर के बारे में पूछे जाने पर सीएमएस डॉ. आरके सागर ने जानकारी से इन्कार किया। उन्होंने बताया कि जानकारी लेकर ही मैं इस बारे में कुछ कह पाऊंगा।

वर्जन:
कोरोना काल के दौरान 28 वेंटिलेटर पीएम केयर फंड से मिले थे। इनका उपयोग जरूरत पड़ने पर किया जा रहा है। मशीन है उपयोग में नहीं लाई जाती है तो चलने में दिक्कत होती है। लेकिन सभी की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है। जल्दी ही यह प्रयोग में लाए जाने लगेंगे। डॉ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ
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