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बाघिन ने सूखी नहर में डेढ़ घंटे जमाया डेरा
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रविवार को भालू ने रोका था रास्ता, क्षेत्र में दस दिनों से बाघिन की चहलकदमी से दहशत
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खारजा और हरदोई ब्रांच नहर पटरी वन्यजीवों का बनता जा रहा वास स्थल
माधोटांडा। क्षेत्र से गुजरने वाली खारजा और हरदोई ब्रांच नहर जंगल से निकले वन्यजीवों का वास स्थल बनती जा रही है। रविवार शाम हरदोई ब्रांच नहर पटरी पर भालू ने एक कार सवार का रास्ता रोक लिया। वहीं सोमवार दोपहर बाघिन बंद पड़ी खारजा नहर के भीतरी हिस्से में करीब डेढ़ घंटे तक डेरा जमाए रही। सूचना मिलते ही वनकर्मी भी मौके पर जा डटे, मगर इससे पहले ही बाघिन चली गई।
बाइफरकेशन से आई खारजा नहर के आसपास पिछले दस दिन से एक बाघिन तो चहलकदमी कर दहशत फैलाए हुए ही है, वहीं रविवार शाम खारजा नहर पटरी पर जंगल से निकलकर आए एक भालू ने दहशत में इजाफा कर दिया। कस्बा निवासी नंदू सिंह रविवार शाम कार से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह हरदोई ब्रांच नहर से सटी सड़क पर कार लेकर पहुंचे तो कार की रोशनी में उन्हें एक भालू दिखा, डर के चलते उन्होेंने अपनी कार रोक ली। उन्होंने कार के भीतर से ही अपने मोबाइल फोन से भालू की तस्वीर भी ली। नंदू सिंह काफी देर तक भालू के जाने का इंतजार करते रहे, मगर भालू सड़क पर ही जमा रहा। भालू के जाने के बाद ही उनकी कार आगे बढ़ सकी। कस्बे में आकर उन्होंने अन्य लोगों को भालू होने की जानकारी दी।
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उधर, दूसरे दिन यानी सोमवार को पिछले दस दिन से दहशत फैलाने वाली बाघिन बंद पड़ी खारजा नहर के भीतरी हिस्से में करीब डेढ़ घंटे तक डेरा जमाए रही। इस दौरान बाघिन ने सूखी रेत में जमकर लोटपोट लगाई। बाघिन को दूर से देखने के लिए भीड़ भी जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। सामाजिक वानिकी के वन दरोगा अजमेर सिंह ने बताया कि बाघिन को लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देेश पर लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। किसानों से भी समूह बनाकर खेतों में जाने को कहा गया है।
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खारजा और हरदोई ब्रांच नहर पटरी वन्यजीवों का बनता जा रहा वास स्थल माधोटांडा। क्षेत्र से गुजरने वाली खारजा और हरदोई ब्रांच नहर जंगल से निकले वन्यजीवों का वास स्थल बनती जा रही है। रविवार शाम हरदोई ब्रांच नहर पटरी पर भालू ने एक कार सवार का रास्ता रोक लिया। वहीं सोमवार दोपहर बाघिन बंद पड़ी खारजा नहर के भीतरी हिस्से में करीब डेढ़ घंटे तक डेरा जमाए रही। सूचना मिलते ही वनकर्मी भी मौके पर जा डटे, मगर इससे पहले ही बाघिन चली गई।
बाइफरकेशन से आई खारजा नहर के आसपास पिछले दस दिन से एक बाघिन तो चहलकदमी कर दहशत फैलाए हुए ही है, वहीं रविवार शाम खारजा नहर पटरी पर जंगल से निकलकर आए एक भालू ने दहशत में इजाफा कर दिया। कस्बा निवासी नंदू सिंह रविवार शाम कार से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह हरदोई ब्रांच नहर से सटी सड़क पर कार लेकर पहुंचे तो कार की रोशनी में उन्हें एक भालू दिखा, डर के चलते उन्होेंने अपनी कार रोक ली। उन्होंने कार के भीतर से ही अपने मोबाइल फोन से भालू की तस्वीर भी ली। नंदू सिंह काफी देर तक भालू के जाने का इंतजार करते रहे, मगर भालू सड़क पर ही जमा रहा। भालू के जाने के बाद ही उनकी कार आगे बढ़ सकी। कस्बे में आकर उन्होंने अन्य लोगों को भालू होने की जानकारी दी।
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उधर, दूसरे दिन यानी सोमवार को पिछले दस दिन से दहशत फैलाने वाली बाघिन बंद पड़ी खारजा नहर के भीतरी हिस्से में करीब डेढ़ घंटे तक डेरा जमाए रही। इस दौरान बाघिन ने सूखी रेत में जमकर लोटपोट लगाई। बाघिन को दूर से देखने के लिए भीड़ भी जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। सामाजिक वानिकी के वन दरोगा अजमेर सिंह ने बताया कि बाघिन को लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देेश पर लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। किसानों से भी समूह बनाकर खेतों में जाने को कहा गया है।