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Pilibhit News: 50 हजार का लक्ष्य, तीन माह में 450 वृद्धों के ही बने आयुष्मान कार्ड
Mon, 22 Jul 2024 02:39 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 22 Jul 2024 02:39 AM IST
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बीसलपुर। कंप्यूटर पर डाटा न खुल पाने के कारण चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 50 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 450 बुजुर्गों के ही आयुष्मान गोल्डन कार्ड बन पाए हैं। यही गति रही तो वित्तीय वर्ष के समापन होने तक कार्ड बनने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा।
विभागीय अधिकारियों ने चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम माह मार्च में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया था। इस लक्ष्य के अनुसार नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के 50 हजार से अधिक लोगों के कार्ड बनने थे। बताया जाता है कि स्वास्थ्य केंद्र के संंबंधित पटल पर मौजूद कंप्यूटर में इन लोगों का डाटा ही नहीं खुल पा रहा।
अभी तक केवल 450 लोगों के ही आयुष्मान गोल्डन कार्ड बन पाए हैं। अभी 49,550 लोगों के कार्ड बनने हैं। रोजाना काफी लोग कार्ड बनवाने आते हैं और घंटों भटकने के बाद मायूस होकर लौट जाते हैं। अव्यवस्था को लेकर लोगों में रोष है।
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फोटो::27
आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के 10 से अधिक चक्कर लगा चुके हैं। हर बार वही रटा रटाया जवाब मिलता है कि डाटा नहीं खुल रहा है। - भीमसेन शर्मा, गांव अहिरपुरा नगला, बीसलपुर।
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फोटो::28
स्वास्थ्य केंद्र के 20 से अधिक चक्कर लगा चुके हैं। हर बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अब कार्ड बनने की उम्मीद नहीं लग रही है। - भूपराम रेलवे कॉलोनी बीसलपुर।
वर्जन:
पटल पर कर्मचारी पूरे समय मौजूद रहता है। कंप्यूटर में कभी डाटा खुल जाता है कभी नहीं खुलता है। यह दिक्कत ऊपर से ही है। कुछ लोगों के कार्ड बन भी गए हैं। डाटा खुलते ही बचे लोगों के भी कार्ड बनाए जाएंगे। - डॉ. लेखराज गंगवार, चिकित्सा अधीक्षक
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विभागीय अधिकारियों ने चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम माह मार्च में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया था। इस लक्ष्य के अनुसार नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के 50 हजार से अधिक लोगों के कार्ड बनने थे। बताया जाता है कि स्वास्थ्य केंद्र के संंबंधित पटल पर मौजूद कंप्यूटर में इन लोगों का डाटा ही नहीं खुल पा रहा।
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अभी तक केवल 450 लोगों के ही आयुष्मान गोल्डन कार्ड बन पाए हैं। अभी 49,550 लोगों के कार्ड बनने हैं। रोजाना काफी लोग कार्ड बनवाने आते हैं और घंटों भटकने के बाद मायूस होकर लौट जाते हैं। अव्यवस्था को लेकर लोगों में रोष है।
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आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के 10 से अधिक चक्कर लगा चुके हैं। हर बार वही रटा रटाया जवाब मिलता है कि डाटा नहीं खुल रहा है। - भीमसेन शर्मा, गांव अहिरपुरा नगला, बीसलपुर।
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स्वास्थ्य केंद्र के 20 से अधिक चक्कर लगा चुके हैं। हर बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अब कार्ड बनने की उम्मीद नहीं लग रही है। - भूपराम रेलवे कॉलोनी बीसलपुर।
वर्जन:
पटल पर कर्मचारी पूरे समय मौजूद रहता है। कंप्यूटर में कभी डाटा खुल जाता है कभी नहीं खुलता है। यह दिक्कत ऊपर से ही है। कुछ लोगों के कार्ड बन भी गए हैं। डाटा खुलते ही बचे लोगों के भी कार्ड बनाए जाएंगे। - डॉ. लेखराज गंगवार, चिकित्सा अधीक्षक