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Pilibhit News: आंदोलनकारियों और एसडीएम, ईई के बीच हुई वार्ता भी बेनतीजा रही
Sun, 01 Oct 2023 12:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 01 Oct 2023 12:02 AM IST
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चंदिया हजारा में धरना स्थल पर सभा को संबोेधित करते वकील संजय विश्वास ।
पूरनपुर। बाढ़ और कटान की समस्या का स्थाई निराकरण न होने के विरोध में चंदिया हजारा में चल रही क्रमिक भूख हड़ताल शनिवार को 20वें दिन जारी रही। शनिवार को एसडीएम, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता वार्ता को पहुंचे, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। शनिवार को उत्तराखंड के बंगाली महासभा के पदाधिकारियों ने पहुंचकर सभा को संबोधित किया।
शनिवार को क्रमिक भूख हड़ताल पर सारोती मिस्त्री, शिफाली मंडल, लतिका विश्वास, रेणू मंडल, तारामणि मंडल, आरती मंडल, दिपाली विश्वास, विमला गाईन, कविता वाला, सुचिता घरामी, ममता कविराज, काजल राय क्रमिक भूख हड़ताल पर पहुंची। उत्तराखंड बंगाली महासभा के महामंत्री सुब्रत विश्वास कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पहुंचे।
धरना स्थल पर हुई सभा में कहा गया कि बाढ़ और कटान से क्षेत्र में सालों से बर्बादी हो रही है। जमीन नदी में समाने पर किसान मजदूरी करने को मजबूर है। हिंदूवादी संगठन के रूम सिंह यादव ने भी अपनी टीम के साथ पहुंचकर समर्थन दिया। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला, बाढ़ खंड के अधिकारी अभियंता ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की।
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वार्ता में एसडीएम ने बताया कि चेनेलाइजेशन कराने को पत्राचार किया गया है। उनके स्तर से चेनेलाइजेशन नहीं हो सकता। गांव को सुरक्षित करने को जीओ बैग लगवाए जा सकते है। इसके लिए २० दिन का समय लगेगा। तब तक आंदोलन स्थगित कर दिया जाए। मगर आंदोलनकारियों का कहना था कि 18 महीने पहले भी तैनात रहे एसडीएम ने समस्याओं का समाधान कराने का लिखित आश्वासन दिया था। 18 महीने बाद समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। तब 20 दिन में कहां से संभव है। आंदोलनकारियों ने एक अक्क्तूबर को सांसद वरुण गांधी के धरना स्थल पर आने और उसके बाद कोई निर्णय देने को कहा। एसडीएम ने बताया कि आंदोलनकारी मान गए हैे, लेकिन रविवाार को सांसद के पहुंचने के बाद अपना निर्णय देगे।
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शनिवार को क्रमिक भूख हड़ताल पर सारोती मिस्त्री, शिफाली मंडल, लतिका विश्वास, रेणू मंडल, तारामणि मंडल, आरती मंडल, दिपाली विश्वास, विमला गाईन, कविता वाला, सुचिता घरामी, ममता कविराज, काजल राय क्रमिक भूख हड़ताल पर पहुंची। उत्तराखंड बंगाली महासभा के महामंत्री सुब्रत विश्वास कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पहुंचे।
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धरना स्थल पर हुई सभा में कहा गया कि बाढ़ और कटान से क्षेत्र में सालों से बर्बादी हो रही है। जमीन नदी में समाने पर किसान मजदूरी करने को मजबूर है। हिंदूवादी संगठन के रूम सिंह यादव ने भी अपनी टीम के साथ पहुंचकर समर्थन दिया। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला, बाढ़ खंड के अधिकारी अभियंता ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की।
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वार्ता में एसडीएम ने बताया कि चेनेलाइजेशन कराने को पत्राचार किया गया है। उनके स्तर से चेनेलाइजेशन नहीं हो सकता। गांव को सुरक्षित करने को जीओ बैग लगवाए जा सकते है। इसके लिए २० दिन का समय लगेगा। तब तक आंदोलन स्थगित कर दिया जाए। मगर आंदोलनकारियों का कहना था कि 18 महीने पहले भी तैनात रहे एसडीएम ने समस्याओं का समाधान कराने का लिखित आश्वासन दिया था। 18 महीने बाद समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। तब 20 दिन में कहां से संभव है। आंदोलनकारियों ने एक अक्क्तूबर को सांसद वरुण गांधी के धरना स्थल पर आने और उसके बाद कोई निर्णय देने को कहा। एसडीएम ने बताया कि आंदोलनकारी मान गए हैे, लेकिन रविवाार को सांसद के पहुंचने के बाद अपना निर्णय देगे।