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निम्न वर्ग की पहुंच से सेब, पपीता हुए दूर
पीलीभीत।
Updated Fri, 19 Jun 2015 11:43 PM IST
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रमजान पर इस बार रोजेदारों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। फल मार्केट
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में सेब 150 रुपये किलोग्राम, वहीं इम्पोर्टेट खजूर 250 रुपये प्रति
किलोग्राम के भाव से बेचा जा रहा है। हालांकि व्यापारियों के मुताबिक, इस
बार दामों में कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।
दुनिया के हर धर्म यानी मजहब में उपवास (रोजा) प्रचलित है। इस्लाम धर्म में रोजा (सूरज निकलने के कुछ वक्त पहले से सूरज के अस्त होने तक कुछ भी नहीं खाना पीना) अहमियत रखता है। इस दौरान रोजेदार फलों और फेनी आदि को बहुत महत्व देते हैं, लेकिन इन रोजेदारों पर महंगाई की मार पड़ती नजर जा रही है। फल मार्केट पर गौर करें तो अमूमन 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव बिकने वाला सेब आजकल इम्पोर्टेड सेब के नाम से 150 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेचा जा रहा है। केले के भाव भी आसमान छूते नजर आ रहे हैं। खुमानी और आलू बुखारा के दाम भी पिछले दिनों की अपेक्षा बढ़ गए हैं। फेनी मार्केट में भी फेनी और खजरा के दाम आग बरसाते दिखे। कारोबारियों के मुताबिक, दाम तो पिछले सालों की अपेक्षा खास नहीं बढे़, लेकिन महंगाई के इस दौर में यह दाम निम्न तबके के लिए कष्टदायी हो रहे हैं।
यह है फल बाजार के हाल
फल दाम
-इंपोर्टेड खजूर 120 से 200 प्रति पैकेट
- देशी खजूर 80 रुपये प्रति किलोग्राम
- सेब 150 रुपये प्रति किलोग्राम
- केला 30-35 रुपये प्रति दर्जन
- खुमानी 50 रुपये प्रति किलो
- आलू बुखारा 50 रुपये प्रति किलो
- पपीता 40 रुपये प्रति किलो
- फेनी 80 रुपये प्रति किलोग्राम
- खजरा 80 रुपये प्रति किलोग्राम
नहीं हुई बढ़ोत्तरी
फलों के दाम में इस बार कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। कश्मीरी सेब की आवक न होने के कारण इंर्पोटेड सेब की बिक्री हो रही है। पपीते के दाम बढ़े हैं।
शमशाद हुसैन, फल विक्रेता
छोटे तबकों के लिए मुश्किल
शहर में फेनी और खजरा की इन दिनों प्रतिदिन करीब डेढ़ क्विंटल खपत हो रही है। यह खपत आने वाले दिनों में बढ़ेगी। दामों में खास इजाफा तो नहीं हुआ है, लेकिन छोटे तबकों के लिए दाम परेशान कर देने वाले हैं।
- मोहम्मद कमर, फेनी विक्रेता
दुनिया के हर धर्म यानी मजहब में उपवास (रोजा) प्रचलित है। इस्लाम धर्म में रोजा (सूरज निकलने के कुछ वक्त पहले से सूरज के अस्त होने तक कुछ भी नहीं खाना पीना) अहमियत रखता है। इस दौरान रोजेदार फलों और फेनी आदि को बहुत महत्व देते हैं, लेकिन इन रोजेदारों पर महंगाई की मार पड़ती नजर जा रही है। फल मार्केट पर गौर करें तो अमूमन 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव बिकने वाला सेब आजकल इम्पोर्टेड सेब के नाम से 150 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेचा जा रहा है। केले के भाव भी आसमान छूते नजर आ रहे हैं। खुमानी और आलू बुखारा के दाम भी पिछले दिनों की अपेक्षा बढ़ गए हैं। फेनी मार्केट में भी फेनी और खजरा के दाम आग बरसाते दिखे। कारोबारियों के मुताबिक, दाम तो पिछले सालों की अपेक्षा खास नहीं बढे़, लेकिन महंगाई के इस दौर में यह दाम निम्न तबके के लिए कष्टदायी हो रहे हैं।
यह है फल बाजार के हाल
फल दाम
-इंपोर्टेड खजूर 120 से 200 प्रति पैकेट
- देशी खजूर 80 रुपये प्रति किलोग्राम
- सेब 150 रुपये प्रति किलोग्राम
- केला 30-35 रुपये प्रति दर्जन
- खुमानी 50 रुपये प्रति किलो
- आलू बुखारा 50 रुपये प्रति किलो
- पपीता 40 रुपये प्रति किलो
- फेनी 80 रुपये प्रति किलोग्राम
- खजरा 80 रुपये प्रति किलोग्राम
नहीं हुई बढ़ोत्तरी
फलों के दाम में इस बार कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। कश्मीरी सेब की आवक न होने के कारण इंर्पोटेड सेब की बिक्री हो रही है। पपीते के दाम बढ़े हैं।
शमशाद हुसैन, फल विक्रेता
छोटे तबकों के लिए मुश्किल
शहर में फेनी और खजरा की इन दिनों प्रतिदिन करीब डेढ़ क्विंटल खपत हो रही है। यह खपत आने वाले दिनों में बढ़ेगी। दामों में खास इजाफा तो नहीं हुआ है, लेकिन छोटे तबकों के लिए दाम परेशान कर देने वाले हैं।
- मोहम्मद कमर, फेनी विक्रेता